यज्ञ और योग भारतीय संस्कृति की आत्मा : स्वामी कर्मवीर

जेएनएन,मुजफ्फरनगर।नवीनमंडीस्थलपरचलरहेसातदिवसीययोगप्रशिक्षणशिविरकागुरुवारकोयज्ञऔरवैदिकमंत्रोंकेसाथसमापनहोगया।स्वामीकर्मवीरमहाराजनेकहाकियोगजीवनकोस्वस्थवसुखीबनानेकीसर्वोत्तमकलाहै।

सातदिवसीययोगशिविरमेंसाधकोंकोयोगक्रियाओंकेसाथहीयोगासनोंकेलाभभीबताएगए।समापनकार्यक्रममेंस्वामीकर्मवीरमहाराजनेकहाकिजीवनमेंबुराइयोंकात्यागकरनाचाहिए।योगकाअभ्यासनिरंतरलंबेसमयतककरनेसेव्यक्तिआध्यात्मिकहोताहै।योगकरनेमात्रसेकल्याणहोनेवालानहींहै।योगकापूरापूरालाभलेनेकेलिएआवश्यकहैकियोगकोअपनेजीवनकाहिस्साबनाएं।यज्ञऔरयोगभारतीयसंस्कृतिकीआत्माहै।इसअवसरपरयोगशिविरमेंसहयोगकरनेवालेशिविरसंयोजकधर्मवीरबालियान,डा.जीतसिंहतोमर,योगाचार्यसुरेंद्रपालसिंहआर्य,तेजसमुनि,पवनमित्तल,गजेन्द्रराणाआदिकोस्वामीजीनेसम्मानितकिया।कार्यक्रमकासमापनकन्यागुरुकुलकीबालिकाओंनेगीतावपतंजलियोगसूत्रकेमौखिकपाठसेकिया।आंखोंपरपट्टीबांधकरपुस्तकपढ़करसबकोआश्चर्यचकितभीकिया।

समितिको53.38लाखरुपयेकाशुद्धलाभ

संवादसूत्र,पुरकाजी:किसानसेवासहकारीसमितिकीबैठकमेंवार्षिकआयकालेखा-जोखापेशकियागया।लाभसंबंधीप्रस्तावोंपरविचारविमर्शहुआ।

जीटीरोडस्थितसमितिकार्यालयपरिसरमेंगुरुवारदोपहरकोहुईसामान्यबैठकमेंवार्षिकआय-व्ययकीजानकारीदीगई।प्रबंधकनिदेशकबिजेंद्रसिंहनेआमदनीकेबारेमेंबतायाकिसमितिकोवर्ष2019-20में53:38लाखरुपयेकाशुद्धलाभहुआ।सभीसदस्योंको11प्रतिशतलाभवितरणकरनेकीघोषणाकीगई।इसदौरानपूर्वचेयरमैनमियांनसीम,सभापतिमहिपालसिंह,सुरेंद्रपालसिंह,नवीनराठी,मनोजजोधा,डा.विनोदत्यागी,आनंदपाल,अमितपालआदिमौजूदरहे।