विज्ञान के ज्ञान की उपयोगिता सामाजिक विकास में सहायक

जागरणसंवाददाता,उरई:गुरुरोपणशिक्षणसेवासंस्थानमहाविद्यालयकुकरगांवमेंएकदिवसीयराष्ट्रीयसंगोष्ठीकाआयोजनकियागया।जिसमेंसामाजिकविकासमेंवैज्ञानिकशिक्षाकामहत्वविषयपरबुंदेलखंडयूनिवर्सिटीकेएसोसिएटप्रोफेसरडा.ऋषिसक्सेनावजीबीएनडीकालेजकानपुरसेआरएससिंहनेअपनेविचाररखे।

डा.ऋषिसक्सेनानेबतायाकिविज्ञानहमारेवर्तमानऔरभविष्यकीधुरीहै।इसधुरीकेअभावमेंहमारासमाजकेचारोंतरफघूमपानाअकल्पनीयहै।हमसामाजिकविकासकीकल्पनाभीनहींकरसकतेहैं।उन्होंनेपाठ्यक्रमस्तरपरहीवैज्ञानिकशिक्षापरबलदिया।प्राचार्यडा.अतुलसक्सेनानेकहाकिवैज्ञानिकज्ञानकेअभावमेंसामाजिकविकासहोपानासंभवनहींहै।डा.आरएससिंहनेबतायाकिजबकोरोनाकालमेंसभीशिक्षणसंस्थानबंदहोगएथेतबवैज्ञानिकज्ञानकीउपलब्धतानेहीहमेंआगेबढ़नेकोप्रेरितकिया।ऑनलाइनशिक्षाकेद्वाराहीहमधीरेधीरेआगेबढ़े।वर्तमानमेंइसकीउपयोगितासेसिद्धकरदियाहैयहप्लेटफॉर्मकम़खर्चीलाऔरसीमितसंसाधनकेद्वारासंचालितहोसकताहै।इसकेबादपोस्टरप्रदर्शनमेंदीक्षायादवएवंशशिजेटलीप्रथम,शिवानीचौरसियाद्वितीय,सुरतितृतीयस्थानपररहे।मॉडलप्रदर्शनमेंअंबरऔरअभिषेकनेप्रथमस्थानप्राप्तकिया।इसदौरानडा.योगेशपचौरी,प्रवक्तासुरेंद्रयादव,शांताकुमारमिश्रा,महंतभानुप्रतापसिंह,डा.शिवेंद्रप्रतापसिंह,डा.चंद्रभानराठौर,कीरतसिंह,पुष्पेंद्रसिंह,योगेंद्रसिंह,राजेशतिवारीसहितकईलोगमौजूदरहे।