सिर्फ नारा बनकर न रहे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ

जासं,इटावा:कंपोजिटविद्यालयनगलागौरमेंबेटीबचाओ-बेटीपढ़ाओतथासंचारीरोगकीरोकथामसेसंबंधितविचारगोष्ठीकाआयोजनकियागया।अध्यक्षताडायटप्रवक्तागायत्रीवर्मानेकी।उन्होंनेकहाकिबेटीबचाओबेटीपढ़ाओसिर्फनाराबनकरनरहे,इसलिएलोगोंकोइसकेप्रतिजागरुककरनापड़ेगा।बेटियोंकोपढ़ानेसेसमाजशिक्षितऔरसशक्तबनताहै।विद्यालयमेंनैतिकशिक्षाकेप्रतिउदासीनताहाथरसजैसीघटनाओंकाकारणबनतीहै।राज्यसंसाधनसमूहकेसदस्यरामजनमसिंहनेमहिलासशक्तिकरणसेसंबंधितसरकारीयोजनाओंकीजानकारीदेतेहुएकहाकिजानकारीकेअभावमेंग्रामीणमहिलाएंअपनेअधिकारोंएवंशासनसेमिलनेवालीसुविधाओंकोप्राप्तनहींकरपातीं।विद्यालयजनजागृतिकाकेंद्रबनसकतेहैंऔरसमाजमेंनईरोशनीलासकतेहैं।प्रवक्ताविनीतासिंह,एआरपीनागेंद्रपलसिंह,शैतानसिंहनेमहिलासुरक्षाएवंसशक्तिकरणपरविचारव्यक्तकिए।राकेशपांडेयनेस्वस्थजीवनकेलिएवसंचारीरोगोंसेबचावकेलिएस्वच्छताअपनाने,घरकेआसपासपानीजमानहोनेदेनेतथामक्खीमच्छरोंकोनपनपनेदेनेकाआग्रहकिया।भूमित्रविधौलियावशिवरामनेकहाकिभारतीयसंस्कृतिहमेशास्त्रियोंकोआदरदेतीरहीहै।यहहमारासांस्कृतिकपतनहैकिहमस्त्रियोंकोयथोचितसम्मानदेनाभूलगएहैं।ज्योतिनेलिगानुपातकेआंकड़ोंकोसाझाकरतेहुएकहाकिस्त्रियांस्वयंकोवर्तमानपरिवेशमेंअसुरक्षितमहसूसकररहीहैं।ऐसेमेंहमसबकीजिम्मेदारीहैकिउन्हेंसुरक्षाकाअहसासदिलाएं।गोष्ठीमेंसमग्रशिक्षाअभियानऔरयूनिसेफद्वाराआयोजितमेरीउड़ानप्रतियोगितामेंराज्यकीमेरिटमेंअपनास्थानबनानेवालीविद्यालयकीदोछात्राओंयशीशुक्लातथाशालिनीकोविद्यालयपरिवारद्वारासम्मानितकियागया।ऋतुबालातिवारीऔरशशिप्रभानेकहाकिइनदोनोंबेटियोंनेअपनेविद्यालय,अपनेगांवतथाजनपदकानामरोशनकियाहै।