सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस की दुर्दशा की दास्तान, भाजपा सरकार के कार्यों का लेखाजोखा

[अजयकुमारराय]जबकिसीराजनीतिकदलकीबागडोरसिर्फएकपरिवारकेहाथोंमेंकेंद्रितहोजातीहैतोउसमेंएकमजबूतनेतृत्वकेउभरनेऔरपार्टीकोएकजुटरखतेहुएसबकोसाथलेकरचलनेकीराहएकसीमाकेबादअवरुद्धहोजातीहै।कुछलोगअपनीमहत्वाकांक्षाओंकोदबाकरउनपरिस्थितियोंसेसमझौताकरलेतेहैं,लेकिनकईऐसेभीहोतेहैं,जोअपनाअलगरास्ताबनालेतेहैं।ऐसीवशंवादीराजनीतिकपार्टियोंमेंटूटकासिलसिलाबनारहताहै।परिणामस्वरूपउसेएकसशक्तनेतृत्वनहींमिलपाताऔरवहपार्टीलगातारकमजोरहोतीरहतीहै।आजकांग्रेसइसकासबसेबड़ाउदाहरणहै।पिछलेकुछवर्षोंमेंसोनियागांधीऔरराहुलगांधीकीकांग्रेसमेंएकऔरबदलावदेखनेकोमिलाहै।वहयहकिपार्टीअक्सरराष्ट्रकीउम्मीदोंसेअलगसोचप्रकटकरतीप्रतीतहोतीहै।एकराजनीतिकपार्टीकेअंतकेलिएयेदोकारणपर्याप्तहैं,लेकिनकभीपूरेदेशमेंएकछत्रशासनकरनेवालीकांग्रेसकेइसदयनीयहालतमेंपहुंचनेकेलिएअन्यभीकईवजहेंरहीहैं।अमितबागड़ियानेअपनीपुस्तक'कांग्रेस-मुक्तभारत'मेंउनसभीकातथ्योंकेसाथविस्तारसेविश्लेषणकियाहै।

सरलभाषामेंलिखीइसकिताबकेपहलेचारअध्यायोंमेंलेखककांग्रेसपार्टीकेशासनकालमेंहुएभ्रष्टाचारकीचर्चाकरतेहैं।'दमित्रोखिनआर्काइव-2:दकेजीबीइनदवल्र्ड'नामकपुस्तककेहवालेसेबतायाहैकितत्कालीनसोवियतसंघकीखुफियाएजेंसीकेजीबीकाभारतीयराजनीतिखासकरनेहरू-इंदिरायुगमेंकांग्रेसऔरतत्कालीनविपक्षसीपीआइ-सीपीएममेंकाफीदखलथा।इससेनसिर्फशासकवर्गकेअंदरभ्रष्टाचारफैला,बल्किकईऐसेफैसलेभीलेनेपड़े,जोकिभारतकेहितमेंनहींथे।इससेसरकारमेंएकऐसाइकोसिस्टमबनगया,जोआजभीगाहे-बगाहेउभरआताहै।यूपीए-एकऔरदोकाशासनकालतोआमतौरपरघोटालोंकेलिएजानाजाताहै,जिसमेंबैैंकएनपीएघोटाला,कोयलाघोटाला,2जीवटेलीफोनएक्सचेंजघोटाला,एयरसेल-मैक्सिसकेस,दिल्लीकामनवेल्थघोटाला,सोनाआयातघोटाला,एनएसईकालोकेशनघोटाला,नरेगाघोटाला,थोरियमघोटाला,एयरइंडियाघोटाला,नेशनलहेराल्डकेस,आइएनएक्समीडियाकेस,राबर्टवाड्रापरआरोपआदिप्रमुखहैैं।उसीदौरमेंकांग्रेससरकारकेपैरोकारोंनेहिंदूआतंकवादकीझूठीकहानीगढ़ी।इसनेदेशकेएकबड़ेवर्गकीभावनाकोमर्माहतकरनेकाकामकिया।

आजादीकेबादसेकांग्रेसकीबागडोरअधिकांशत:नेहरू-गांधीपरिवारकेकिसीसदस्यकेहीहाथोंमेंरही।सीतारामकेसरीकेबादसेपिछलेकरीब23सालसेतोसोनियागांधीइसपरकाबिजहैैं।बहुतसंभवहैकिअगलेएक-आधसालमेंयहबागडोरराहुलगांधीकेहाथोंमेंचलीजाए।पार्टीपरएकपरिवारकेवर्चस्वकेकारण1947सेपहलेवालीकांग्रेसकमसेकम30बारटूटचुकीहै।आजकेदिग्गजममताबनर्जी,शरदपवार,वाईएसजगनमोहनरेड्डीकभीकांग्रेसकेहीसदस्यथे।इससेकांग्रेसकोएकसशक्तनेतृत्वनहींमिलपारहाहै।लिहाजापार्टीनतोएकजुटहोपारहीहैऔरनहीदेशकीभावनाओंकाइजहारकरपारहीहै।

अगलेकुछअध्याय2019केचुनावों,नरेन्द्रमोदीऔरउनकीसरकारकीसफलताओं-विफलताओंऔर80महीनेमेंउनकीओरसेकिएगएकार्योंपरहैैं।एकअध्यायमेंभारतके14प्रधानमंत्रियोंकीसफलताओंऔरविफलताओंकावर्णनहै।इसकेअलावाउनसुधारोंकाजिक्रकियाहै,जिनकीअपेक्षादेशमोदीसरकारसेकररहाहै।इनमेंप्रमुखहैैं-न्यायिकसुधार,चुनावसुधार,संसदीयसुधार,पुलिससुधार,सीबीआइ-एनआइए-एनएसजी-सीआरपीएफकोमिलाकरएकराष्ट्रीयपुलिसबलकागठन,प्रशासनिकसुधार,जनसंख्यानियंत्रणकानून।निश्चितरूपसेमोदीसरकारयेबचेहुएकामोंकोपूराकरलेतीहैतोकांग्रेसकावापसीकाइंतजारऔरबढ़जाएगा।

कुलमिलाकर,यहपुस्तककांग्रेसकेअर्शसेफर्शतकपहुंचनेकेकारणोंकीतोपड़तालकरतीहीहै,साथहीभाजपाकेशून्यसेशिखरतककीयात्रातथाशीर्षपरमजबूतीकेसाथडटेरहनेकेलिएउसकेद्वाराकियेजारहेउल्लेखनीयप्रयासोंकोरोचकअंदाजमेंपेशकरतीहै।

पुस्तक:कांग्रेस-मुक्तभारत

लेखक:अमितबागड़िया

प्रकाशक:प्रभातपेपरबैक्स