सैकड़ों बीघा में नहीं हो सकी धान की कटनी

जागरणसंवाददाता,शेखपुरा:

इसीकिस्मतकीमारऔरप्रकृतिकाखेलनहींकहेंतोऔरक्याकहें।फरवरीमहीनेकादूसरासप्ताहशुरूहोनेकोहै,मगरजिलाकेकईगांवोंमेंअभीभीधानकीकटनीनहींहोपाईहै।सैकड़ोंबीघाखेतोंमेंधनकीफसललगीहुईहै।समयपरकटनीनहींहोपानेसेइनकीउपजकिसानोंकेघरआनेकेबजायखेतोंमेंभीबर्बादहोरहेहैं।साथहीखेतखालीनहींहोनेकीवजहसेइनमेंगेंहूयारबीकीदूसरीफसलोंकीबुआईनहींहोपाई।पुरानेकिसानोंकाकहनाहैइसतरहकीबातपिछले80-90वर्षोंमेंनहींदेखी।यहएकतरहसेप्राकृतिकआपदाजैसाहै।लोगोंसेमिलीजानकारीकेमुताबिकसदरप्रखंडकेअवगिल-चाड़ेगांवमेंअभी3सौसेअधिकबीघाखेतोंमेंअभीतकधानकीफसललगीहुईहै।इसीतरहकीसूचनामहाउत,एकाढ़ा,लोहान,सियानी,बेलछी,कपासी,रांकड़,करंडेगांवोंसेमिलीहै।अवगिलकेकिसानोंमुन्नासिंह,गोपालसिंह,अशोकसिंह,कमलेशप्रसाद,कृष्णनंदनसिंहनेबतायाखेतोंमेंअभीतकपानीजमारहनेकीवजहसेधानकीफसलखेतोंमेंहै।शुरूमेंदशहराकेसमयबारिशहोजानेकेबादखेतोंमेंपानीजमाहोगया।इसकीवजहसेधानकाटनेकीमशीनखेतोंमेंनहींजासकी।दशहराकेबादफिरबारिशहोजानेसेयहीस्थितिदोबरेखड़ीहोगई।दिसंबरमहीनेसेबीच-बीचमेंहोरहीबारिशसेखेतोंकोसूखनेकासमयनहींमिलरहाहै।अबतोमजदूरभीइनधानकीफसलोंकोकाटनेसेइंकारकररहेहैं।ईदबाबतकृषिपदाधिकारीनेबतायाकुछगांवोंमेंअभीतकधानकीफसलकीकटनीनहींहोनेकीसूचनामिलीहै।इसकीरिपोर्टमंगाईजारहीहै।