पुनपुन नदी के अस्तित्व पर मंडरा रहा है खतरा

औरंगाबाद।कभीअविरलबहनेवालीपुनपुननदीअपनाअस्तित्वखोतेजारहाहै।संरक्षणकेअभावमेंदमतोड़रहीहै।नवीनगरप्रखंडकेकुंडकेपासपुनपुननदीकाउद्गमस्थलस्थितहै।यहांछोटेसेगड्ढे़सेपुनपुननदीनिकलतीहैऔरनवीनगरहोतेहुएगंगानदीकोजातीहै।जानकारबतातेहैंकिपहलेइसनदीमेंपानीकीअविरलधाराबहतीथी।यहनदीबरसातीबनकररहगईहै।गर्मीमेंचापाकलसूखनेकेकारणग्रामीणइसनदीकापानीपीतेथे।अतिक्रमणकेकारणनदीकाअस्तित्वसमाप्तहोनेकेकगारपरपहुंचगयाहै।पुनपुनकोआदिगंगेपुनपुनकीसंज्ञादीगईहै।श्रद्धालुनदीपितृतर्पणकरतेहैं।इसनदीकीव्याख्यापुराणोंमेंकीगईहै।नवीनगरकेतत्कालीनसीओराणाअक्षयप्रतापसिंहकेनेतृत्वमेंपुनपुननदीकोअतिक्रमणमुक्तकरनेकीमुहिमचलाईगईथी,लेकिनयहखानापूर्तिमात्ररहा।फाइलपरहीअतिक्रमणमुक्तहोसका।किसानोंकाकहनाहैकिइसनदीसेदर्जनोंगांवमेंखेतीहोताथा।परंतुआजदेखनेकेलिएभीपानीनदीमेंनहींहै।इनदिनोंमौसमकेकड़ेरूखकेकारणजलसंकटगहरागयाहै।क्षेत्रकेतमामजलस्त्रोतदमतोड़नेलगेहैं।लोगपेयजलकीसमस्याकोलेकरगंभीरदिखरहेहैं।जिनकेघरआधुनिकयुगमेंसबमर्सिबलयाट्यूबवेलहै,अभीवहीघरथोड़ापानीकीसमस्यासेराहतमहसूसकररहाहै।बाकीकेघरोंमेंजहांहैंडपंपलगेहैं।वहपानीदेनाबंदकरदियाहै।लोगोंकाकहनाहैकिअधिकांशचापाकलदमतोड़दियाहै।वहींकुछऐसेचापाकलहैं।जिनसेकेवलसुबहऔरशामपानीमिलरहाहै।ऐसेमेंलोगोंकोपानीकेलिएउनघरोंकामुंहदेखनापड़रहाहैजिनकेघरोंमेंसबसर्मिबललगाहै।लेकिनयहसुविधाक्षेत्रकेकुछहीघरोंमेंउपलब्धहै।जिससेसमस्याकानिदानहोनासभीघरोंमेंसंभवनहींहै।यहसमस्यादिनप्रतिदिनगहरातीजारहीहै।नदियोंकाअस्तित्वखतरेमेंहै।हरघरनलकाजलयोजनाप्रभावशालीनहींदिखरहाहै।हालांकिइसयोजनासेलोगोंकोउम्मीदथीकिअबसभीघरोंमेंशुद्धपेयजलकीसमस्याकमहोगी,लेकिनयहयोजनाभीकुछहीवार्डोंमेंक्षणिकसुखदेरहाहै।ऐसेमेंजलकेबिनाजीवनकीकल्पनानहींकीजासकतीहै।प्रखंडकेअतिनक्सलप्रभावितदक्षिणीआठपंचायतोंमेंपानीकेलिएहाहाकारहै।आमजनसेलेकरजानवरतकपानीकोलेकरबेचैनहैं।जानवरपानीकोलेकरएकगांवसेदूसरेगांवभटकरहेहैं।जलस्तरनीचेचलेजानेकेकारणकईचापाकलबंदपड़ेहैं।पानीकोलेकरदक्षिणीआठपंचायतोंमेंस्थितिभयावहबनीहुईहै।

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