पशुपालन से अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकते हैं किसान

संवादसूत्र,अर्की:उपमंडलकीग्रामपंचायतडुमैहरकेगावलादीमेंपशुपालनविभागसोलनकेसौजन्यसेपशुजागरूकताशिविरकाआयोजनकियागया।इसअवसरपरविभागकेउपनिदेशकडॉ.प्रदीपशर्मावसहायकनिदेशकडॉ.सुशीलनेगीविशेषरूपसेउपस्थितथे।शिविरकेदौरानउपस्थितपशुपालकोंकोसरकारकीओरसेउनकेलिएसंचालितविभिन्नयोजनाओंकीजानकारीदीगई।इसकेअलावापशुओंकोहोनेवालबीमारिया,उनकेलक्षणतथाउपचारकेबारेमेंबताया।उपनिदेशकडॉ.प्रदीपशर्मानेकहाकिपशुपालनऔरखेतीएकदूसरेसेजुड़ाहुआपेशाहै।आयबढ़ानेकेलिएपशुपालनकोबेहतरतकनीककेसाथअपनानेकीजरूरतहै।पशुपालनकेसहउत्पादजैसेगोबरसेबनीकंपोस्टखाद,खेतीकीउपजबढ़ानेऔरउसकीलागतकोकमकरनेमेंसहायकहोतेहैं।किसानपशुपालनकेजरिएअतिरिक्तआयप्राप्तकरसकतेहैं।डॉ.शर्मानेपशुपालकोंकोपशुस्वास्थयवसेवाएं,पशुवभैंसोंकेविकास,भेड़वऊनविकास,अंगोराखरगोशप्रजननकार्यक्रम,मुर्गीपालनतथाप्रदेशसरकारकीओरसेसंचालितअन्यविकासयोजनाओंकेबारेमेंजानकारीदी।इसअवसरपरवरिष्ठपशुचिकित्साधिकारीडॉ.बीबीकरकरा,डॉ.रविंद्रशर्मा,डॉ.देवराजशर्मासहितअन्यविभागीकर्मचारीमौजूदरहे।