प्रयागराज की ​​​​​मलाका जेल रही है आजादी की जंग की गवाह, आप भी जानिए इसका इतिहास

प्रयागराज,अमलेंदुत्रिपाठी।प्रयागराजमें(पूर्ववर्तीइलाहाबाद)केनैनीसेंट्रलजेलकेबारेमेंसभीजानतेहोंगे।कमहीलोगोंकोमालूमहैकियहांएकऔरजेलभीथी।शहरकेबीचोंबीचस्थितयहहैमलाकाजेल...।स्वरूपरानीनेहरूअस्पतालपरिसरस्थितअंग्रेजोंकेजमानेकीजेलपरअबसुपरस्पेशियलिटीब्लाकबनगयाहै।इसजेलकाइतिहासदिलचस्पहैऔरनएदौरकेकमहीलोगोंकोपताहै।मगरपुरानेलोगअबभीइसजेलकेबारेमेंआपसमेंबातकरतेवक्तरोमांचितहोजातेहैं।

क्रांतिकारीठाकुररोशनसिंहकोफांसीदीगईथीइसजेलमें

इलाहाबादकेंद्रीयविश्वविद्यालयकेमध्यकालीनएवंआधुनिकइतिहासविभागकेप्रोफेसरयोगेश्वरतिवारीबतातेहैंकिमलाकाजेलमेंक्रांतिकारीठाकुररोशनसिंहकोफांसीदीगईथी।शाहजहांपुरमेंजन्मेरोशनसिंहकाकोरीकांडकेअभियुक्तथे।सन1819केआसपासबनीइसजेलमेंदोदर्जनसेअधिकबैरकथीं।आजादीकेबादइसकोसुधारगृहबनादियागया।1950मेंसरकारीआदेशकेबादजेलकोयहासेहटाकरनैनीस्थानांतरितकरदियागया।जेलहटनेकेबादकाफीदिनोंतकयहाबंगलाशरणार्थीरहे।इसकेबादयहांगवर्नमेंटप्रेसबनगया।कुछसमयबादइसकोरानीबोतियानेखरीदलिया।उनकीमौतकेबाद1962केआसपासयहांस्वरूपरानीनेहरूअस्पतालबना।प्रो.तिवारीबतातेहैंकिजेलमेंकईकुएंथे।जेलगेटकेपासहीजेलरकाबंगलाहुआकरताथा।जिन्हेंंफांसीदीजातीथी,उन्हेंंछोटी-छोटीकोठरियोंमेंरखाजाताथा।क्रांतिकारियोंकोसीढिय़ोंमेंबांधकरमाराजाताथा।शरीरकेजख्मोंपरनमकसेभीगेकपड़ोंसेदबायाजाताथा।इसीजेलमेंपुलिसनेरोशनसिंहकोमुखबिरबनानेकीबहुतकोशिशकीलेकिनवहचट्टानकीतरहडिगेरहे।मलाकाजेलमेंवहआठमहीनेरहे।आजभीइसजेलकेइतिहासऔरक्रांतिकारियोंकेबारेमेंयादकरपुरानेलोगगर्वसेभरउठतेहैं।उनकाकहनाहैकिभलेजेलकाटी,सजामिली,कोड़ेखाए,यातनाझेलीलेकिनअपनेवतनकोआजादकरालिया।