पंचतत्व में विलीन हुए हिंदी के विख्यात कवि केदारनाथ सिंह, बेटे ने दी मुखाग्नि

नईदिल्ली:जीवनकीजटिलताओंकोकविताकेमाध्यमसेअभिव्यक्तकरनेकीअनूठीशैलीकेधनीविख्यातसाहित्यसाधककेदारनाथसिंहकापार्थिवशरीरआजपंचतत्वमेंविलीनहोगया.केदारनाथसिंहकेशिष्यडॉमदनरायनेबतायाकिशामचारबजेदिल्लीकेलोदीरोडशमशानघाटमेंउनकाअंतिमसंस्कारकियागया.उनकेपुत्रसुनीलनेमुखाग्निदी.

मदनरायनेबतायाकिअज्ञेयद्वारासंपादित‘तीसरासप्तक’केइससशक्तहस्ताक्षरकोअंतिमविदाईदेनेकेलिएराजनीतिकऔरसाहित्यिकक्षेत्रकीकईहस्तियांमौजूदथीं.इनमेंरमेशविधूड़ी,अशोकवाजपेयीऔरअसगरवजाहतशामिलहैं.उन्होंनेबतायाकिइसमौकेपरबड़ीसंख्यामेंउनकेशिष्य,पाठकऔरछात्रउपस्थितथे.

गौरतलबहैकिहिन्दीकीसमकालीनकविताकेसशक्तहस्ताक्षरडॉ.केदारनाथसिंहकापेटकेसंक्रमणकेचलतेकलरातकरीबपौनेनौबजेएम्समेंनिधनहोगयाथा.केदारनाथसिंहकाजन्म1934मेंउत्तरप्रदेशकेबलियाजिलेमेंहुआथा.वहहिंदीकवितामेंनएबिंबोंकेप्रयोगकेलिएजानेजातेहैं.साल2013मेंकेदारनाथसिंहकोसाहित्यसेवाकेलिएज्ञानपीठपुरस्कारसेसम्मानितकियागयाथा.