पहाड़ के क्रांतिकारी ने गोवा में फहराया था तिरंगा

प्रतापसिंहनेगी,ताड़ीखेत(अल्मोड़ा):गोवाकीआजादीमेंसंयुक्तउत्तरप्रदेशकेजिसइकलौतेयुवाक्रांतिकारीनेपुर्तगालियोंकेखिलाफबिगुलफूंका,वहपहाड़सेहीथा।1956मेंमहज18वर्षकेजोशीलेक्रांतिकारीनेपुर्तगालीसरकारकेखिलाफआवाजबुलंदकी।तिरंगाभीफहराया।फायरिगमेंसाथीक्रांतिकारीशहीदहुआ,मगरहौसलाटूटनेनहींदिया।उन्हेंगिरफ्तारकरनजरबंदभीरखागया।

गोवामुक्तिसंग्रामकेनायकरहेक्रांतिकारीआनंदसिंहबिष्टबेशकआजगुमनामहैं,मगरगोवाक्रांतिकाजिक्रछिड़तेही84वर्षीयइसक्रांतिवीरकीआंखेंचमकउठतीहैं।जेहनमेंवहदौरकौंधनेलगताहै।मूलरूपसेपस्तौड़ापार(ताड़ीखेत)में1936मेंनैनसिंहबिष्टकेघरजन्मेआनंदसिंहबचपनसेहीक्रांतिकारीसोचवालेरहे।

बालमनमेंगोरोंकेअत्याचारवक्रांतिवीरभगतसिंह,चंद्रशेखरआजादकीवीरगाथाओंनेउन्हेंखासाप्रभावितकिया।1947मेंदेशकीआजादीकेबावजूदगोवापरपुर्तगालियोंकासाम्राज्यउन्हेंखटकताथा।वहबहानेसेराजस्थानपहुंचगए।वहांगोवामुक्तिसंग्रामसेजुड़ेपन्नालालयादवसेमिले।यहीमुलाकातउन्हेंगोवातकलेगई।

गोवामेंफहरायातिरंगातोचलीगोली

बकौलक्रांतिकारीआनंदसिंह,1956मेंवह40सत्याग्रहियोंकेसाथमुंबईफिरसावंतबाड़ीसेनावकेजरियेथियोगांव(गोवा)पहुंचे।इसमेंउत्तरप्रदेशसेवहइकलौतेरहे।पुर्तगालियोंकेखिलाफहुंकारभरतेहुएआनंदसिंहवपन्नालालयादवनेमिलकरएकभवनकीछतपरचढ़तिरंगाफहरादिया।इससेगुस्साएपुर्तगालीसैनिकोंनेगोलियांचलादीं।इसमेंक्रांतिकारीपन्नालालशहीदहोगए।आनंदसिंहकोगिरफ्तारकरनजरबंदकरदियागया।वहबतातेहैंकि35घंटेबादउन्हेंवअन्यक्रांतिकारियोंकोनावसेमुंबईभेजागया।गोवाक्रांतिकेकारणमुंबईलौटेआनंदसिंहकोएककंपनीनेनौकरीदेदी।

गोवामेंगिरफ्तारीकेबादआनंदसिंहकोलगाकिभारतीयसेनामेंभर्तीहोकरपुर्तगालीसेलड़नाऔरआसानहोगा।यहीसोचवजज्बालेवहरैलीमेंहिस्सालेने1958मेंमेरठपहुंचगए।भर्तीभीहोगए।..औरभारतीयफौजनेउखाड़ीपुर्तगालीसत्ता

नवंबर1961मेंभारतीयफौजनेजल,थलववायुमार्गसेहमलेकीरणनीतिबनाई।दोदिसंबरकोसेनाका'ऑपरेशनगोवामुक्ति'शुरूहुआ।जबर्दस्तबमबारीसे19दिसंबर1961कोपुर्तगालनेघुटनेटेकदिएऔरसेनानेपुर्तगालियोंके451वर्षपुरानेऔपनिवेशकशासनकोखत्मकिया।हालांकिइसजंगमेंशामिलहोनेकामौकानमिलनेकामलालउन्हेंआजभीहै।

पहलीनिर्वाचितसरकारकेगवाहबनेआनंदसिंह

गोवादमनदीव20दिसंबर1962कोभारतका25वांराज्यबना।पहलीनिर्वाचितसरकारबननेपरउत्तरप्रदेशसेगोवाक्रांतिकेइकलौतेसिपाहीहोनेकेनातेआनंदसिंहकोभीबुलायागया।परवहनहींजासके।गोवाकीआजादीकेसाथहीआनंदसिंहकामकसदभीजैसेपूराहोगया।1963मेंउन्होंनेफौजसेस्वैच्छिकसेवानिवृत्तिमांगली।15अगस्त1992मेंराजस्थानसरकारनेउन्हेंताम्रपत्रवगोवामुक्तिसंग्रामप्रमाणपत्रदेकरसम्मानितकिया।