पेज दो: बूंद-बूंद पानी बचाने का गुर सिखा रहे ब्रजभूषण

खगड़िया।गणितसेएमएससीब्रजभूषणझाचाहतेतोकोईअच्छी-खासीनौकरीकरसकतेहैथे।परंतु,वर्ष2007कीप्रलयंकारीबाढ़नेउन्हेंसामाजिककार्यकीओरमोड़दिया।वर्ष2007कीबाढ़मेंखगड़ियासमाहरणालयपरिसरमेंनावचलरहीथी।उससमयसमतास्वयंसेवीसंगठनकेसाथराहतऔरबचावकार्यसेब्रजभूषणझाजुड़े।अंबापंचायतकेइचरुआनिवासीब्रजभूषणझानेराहतकार्यकेदौरानदेखाकिपीड़ितोंकोसर्वाधिकपरेशानीशुद्धपानीकोलेकरहै।सरकारराहतकार्यचलारहीथी।चूड़ा-शक्करसेलेकरदवातकवितरितकिएजारहेथे।परंतु,पानीनहीं।चारोंओरपानीहीपानीथा,फिरभीलोगप्यासेथे।इसकेबादब्रजभूषणझापानीकोबचाने,लोगोंकोशुद्धपेयजलमुहैयाकरानेकीमुहिमकाहिस्साबने।ब्रजभूषणझानेजिलेकेगिरतेभू-जलस्तरकागहनअध्ययनकिया।उनकेअनुसारखगड़ियाजिलेकाभू-गर्भीयजलस्तरएकसेडेढ़फीटनीचेजारहाहै।इसेदेखब्रजभूषणझालोगोंकोबूंद-बूंदपानीबचानेकेगुरसिखारहेहैं।