पानी का दुरुपयोग नहीं रुका तो बिहार में भी होगा घोर संकट : एके घोष

वैशाली।पानीकादुरुपयोगऔरप्रदूषितहोनेकासिलसिलाऐसेहीजारीरहातोबिहारमेंभी2030तकपानीकाघोरसंकटपैदाहोसकताहै।येबातेंसोमवारकोस्थानीयआरएनकॉलेजमेंवनस्पतिविभागद्वाराआयोजितप्राकृतिकजलस्त्रोतोंकेसंरक्षणविषयपरआयोजितएकसेमिनारमेंराज्यप्रदूषणकंट्रोलबोर्डकेचेयरमैनप्रोफेसरएकेघोषनेकही।सर्वप्रथमअतिथिकोस्वागतकरतेहुएकॉलेजकेप्राचार्यडॉ.विभाषकुमरयादवनेप्राकृतिकसंपदाओंकेदुरुपयोगकोरोकनेपरबलदिया।

प्रोफेसरघोषनेकहाकिजलऔरवायुप्रदूषणवातावरणमेंसबसेअधिकबच्चोंकोप्रभावितकररहाहै।फार्मास्यूटिकलवेस्टभीप्रदूषणकोबढ़ारहाहै।उन्होंनेकहाकिउनकेविभागनेराज्यकेसभीनिजीअस्पतालोंकोनोटिसदियाहैकिसभीअपनेअस्पतालोंऔरक्लिनिकमेंपानीकेमैनेजमेंटकेप्लांटलगाएंऔरपानीकीबर्बादीरोकनेकेलिएठोसकदमउठाएं।अगलेछहमहीनेमेंयहकदमउठानेकोकहागयाहै।

सेमिनारकोडॉ.घोषकेअलावाडॉ.महेशकुमारराय,डॉ.आरकेवर्मा,डॉ.रविकुमारसिन्हाऔरपटनासाइंसकॉलेजकेडॉ.शेषन्दुनेभीअपनेविचाररखे।2050तकपूरीदुनियामेंपीनेकेपानीकीहोगीभारीकिल्लत

2050तकपूरीदुनियामेंपीनेकेपानीकीभारीकिल्लतहोनेवालीहै।विश्वकेअलग-अलगहिस्सोंकेवैज्ञानिकऔरपर्यावरणविदइसओरइशाराकररहेहैंऔरसभीदेशोंमेंपानीकीएक-एकबूंदकोबचानेकीअपीलकररहेहैं।विशेषज्ञकहतेहैंकिजमीनकेअंदरकापानीकाफीतेजीसेसिकुड़रहाहै।वर्ष2000से2009केबीचपूरीदुनियामें113000मीलियनक्यूबिकमीटरपानीप्रतिवर्षसिकुड़ाहै।अभीअपनेदेशमेंभूगर्भीयपानीकोसही-सहीमापनेकीजरूरतहै।