पांच दशक में बदलीं गांव की दुश्वारियां

जिलेकेग्रामीणक्षेत्रमहेबामेंअबसेतीनदशकपहलेतकविकासनामकीचीजनहींथी।लोगोंकोदुश्वारियोंकेबीचरहनामजबूरीथी।सड़केंनहींथीं,केवलमुख्यमार्गहीबनेहुएथे।गांवोंतकपहुंचनाबेहदकठिनहोताथा।स्वास्थ्यसेवाओंकेनामपरकुछनहींथा।किसीकीतबियतबिगड़जाएतोबैलगाड़ीयाट्रैक्टरसेहीशहरतकलेजानापड़ताथा।इधरविकासकेक्षेत्रमेंअकल्पनीयपरिवर्तनदेखनेकोमिलाहै।गांवोंमेंबिजली,पानी,सड़कजैसीबुनियादीसुविधाओंकाअभावलोगोंकोनहींखटकताहै।शिक्षावचिकित्साआदिकीव्यवस्थागांवोंमेंहोगईहैं।विकासतेजीसेहुआहै।50वर्षपहलेइसक्षेत्रमेंपक्केमार्गनहींथे,लोगबैलगाड़ियोंसेउरई,कालपीबाजारहाटकरनेजातेथे।इसक्षेत्रमेंशिक्षाकेलिएडिग्रीकालेजकीकौनकहेइंटरतककीशिक्षानहींथी।अबगांवोंसेआवागमनकीसुविधाएंबढ़जानेसेलोगआसानीसेलखनऊ,दिल्लीकीयात्राकररहेहैं।

वर्ष1947से1974तकइसक्षेत्रसेजिलावतहसीलतकजानेकेलिएपक्केमार्गनहींथे।तबलोगबैलगाड़ियोंसेउरई,कालपीजातेथे।सन1980मेंजबनूननदीपरगोराकलाकेपासपुलकानिर्माणहोगयातोआवागमनकीसुविधामिली।पूरेजीवनशिक्षककीनौकरीकी।स्कूलतकजानेमेंभारीमुश्किलहोतीथीलेकिनपहलेलोगअपनीड्यूटीकेपक्केहोतेथे।समयसेनौकरीकरनेजातेथे।विकासनहोनेकीवजहसेलोगोंकोभारीदिक्कतोंकासामनाकरनापड़ताथा।अबसेदोदशकपहलेजबसेवानिवृत्तहुएतबसेलेकरअबकाफीपरिवर्तनआगयाहै।सड़कें,गांवोंमेंपीनेकीपानीकीव्यवस्था,चिकित्साकीव्यवस्थाआदिसुविधाएंहोगईहैं।अबविकासदिखाईदेताहै।पहलेगांवोंमेंशुद्धपेयजलकेलिएकोईसुविधानहींहोतीथी।कुओंकाकीचड़युक्तपानीपीतेथे।अबदमरास,न्यामतपुरअभैदेपुर,चुर्खी,मुसमरिया,बैरई,बाबईआदिगांवोंमेंपेयजलकेलिएटंकियोंकानिर्माणहोचुकाहैतथास्वास्थ्यसेवाओंकेलिएजगह-जगहछोटे-छोटेस्वास्थ्यकेंद्रखुलचुकेहैं।

-पंडितकृष्णप्रसाद,दमरास,सेवानिवृत्तशिक्षक

चारदशकोंमेंमहेबाब्लाककेपूरेक्षेत्रकाविकासअकल्पनीयढंगसेहुआहै।इसकेपहलेनसड़केंथींनगांवोंमेंरोशनीकेलिएबिजलीथी।शिक्षाकेमायनेमेंतोजनपदमेंसबसेफिसड्डीथा।सन1953मेंहाईस्कूलवइंटरकीशिक्षाकेलिएवहखुदकालपीमेंपढ़े।गांवोंमेंमिडिलतककीशिक्षाकेसाधनथे।अबतोमहेबा,हिम्मतपुर,अभैदेपुर,नसीरपुर,अटराकलामेंडिग्रीकालेजखुलजानेसेगांवोंमेंउच्चशिक्षाकीसुविधाएंआसानीसेमिलरहीहैं।महेबा,न्यामतपुर,बाबई,खांखरीमेंविद्युतकेंद्रोंकीस्थापनाहोनेसेदूधियारोशनीसेगांवरोशनहोरहेहैं।पहलेहालातयहथेकिकिसीकोरोजीरोजगारकेलिएजानाहोताथातोवहकिसीबड़ेशहरमेंकामकीतलाशमेंजाताथा।बसऔरट्रेनपकड़नेकेलिएउसेएकदिनकासमयबर्बादकरनाहोताथा।लोगपैदलहीयात्राकरतेथे।अबसबकुछबदलचुकाहै।विकासनेसारेमिथकतोड़दिएहैं।-लाल¨सहचौहान,महेबा,सेवानिवृत्तप्रवक्तावलोकतंत्रसेनानी।