नल की टोटी नहीं होने से बेकार बह रहा शुद्ध पानी

प्रखंडकेदेवहलियांबाजारमेंनलकेखुलारहनेसेप्रतिदिनसैकड़ोंलीटरपानीलोगबर्बादकरतेहैं।यहस्थितिवहांदेखीजारहीहैजहांशिक्षाकीप्रयोगशालाहै।नवभारतराजेंद्रनगरइंटरस्तरीयस्कूलकेचहारदीवारीकेसमीपयहनलबगैरटोटीकीहै।लिहाजापूरेदिनभरइसीतरहचलतारहताहै।जिसकारणसैकड़ोंलीटरपीनेकापानीबेकारबहजाताहै।जबकिइसकीरोकथामकेलिएसरकारगांवसेलेकरशहरतकजलसंचयवजलसंरक्षणकेक्षेत्रमेंव्यापकप्रचारप्रसारकररहीहै।एकएकबूंदजलसहेजनेकेउपायोंकोअमलीजामापहनायाजारहाहै।फिरभीदेवहलियांमेंइसकाअसरनहींदिखरहाहै।बिजलीजबरहेगीतोयहनलअपनेआपजलापूर्तिशुरूकरदेताहै।स्कूलकेमुख्यगेटसेसटेपश्चिममुख्यसड़ककेकिनारेयहस्थितिहै।दुकानदारभीइससेबेफिक्रहैं।अपनीदुकानोंमेंपानीलेतेहैं।फिरभीइसपरध्याननहींदेते।एकटोटीलगानेकेबजाएलोगएकदूसरेसेपानीअनावश्यकबहजानेकीबातकरतेहैं।इसदेवहलियांबाजारमेंकिसीदुकानदारकाइसतरफध्याननहींजारहाहैऔरनहीकोईसामाजिकव्यक्तिइसदिशामेंकोईकदमउठारहाहै।पानीकेघटतेजलस्तरसेक्षेत्रकीजनताकाफीहदतकजूझीहै।फिरभीजलदोहनकोरोकनेकीदिशामेंकोईसकारात्मकपहलनहींकीजारहीहै।जोचिताकीविषयबनताजारहाहै।अभीभीबहुतेरेगांवमेंजलस्तरकेनीचेखिसकनेकेकारणपानीपीनेकीसमस्याबरकरारहै।जबकिदेवहलियांबाजारमेंपानीप्रतिदिनसैकड़ोंलीटरबर्बादहोरहाहै।