मनमानी की भेंट चढ़ रही मधुबन जलापूर्ति योजना

पीरटांड़:जैनियोंकेविश्वप्रसिद्धतीर्थस्थलमधुबनसहितपीरटांड़केकईइलाकोंमेंशुद्धपेयजलमुहैयाकरानेकोलेलगभगसातसालपूर्वप्रारंभकीगईपेयजलापूर्तियोजनामनमानीकीभेंटचढ़नेलगीहै।कुछसालतकतकयहयोजनाठीकठाकरही,लेकिनदोसालसेयहलाभुकोंकेलिएपरेशानीकासबबबनगईहै।इससेलगातारएकमाहतककभीभीपानीनहींमिलपाताहैऔरपेयजलापूर्तिबाधितहोजातीहै।वर्ष2020कीबातकरें,तोप्रत्येकमाहयहसमस्याआरहीहै,लेकिनइसकाकोईस्थायीसमाधाननहींनिकालाजासकाहै।पिछलेएकसप्ताहसेपुन:पानीआपूर्तिबंदथी,जोगुरुवारकोप्रारंभहुई।

समितिपरहैसंचालनकीजिम्मेदारी:

मधुबनपेयजलापूर्तियोजनाकासंचालनकेलिएप्रबंधनसमितिकागठनकियागयाहै।समितिहीइसेसंचालितकरतीहै।समितिकेअध्यक्षमधुबनमुखियानिर्मलतुरीवउपाध्यक्षचिरकीकेचांदोलालहेंब्रमहै।साथहीमधुबनवआसपासकेकईलोगइसकेसदस्यहैं।यहयोजनाबराकरनदीसेशुरूहोकरमधुबनतकपहुंचीहै।मधुबनकेसिद्धायतनकेपासपानीकोशुद्धकियाजाताहै।पारसनाथपहाड़कीतलहटीकेपासबड़ीटंकीबनाईगईहै।यहांसेपानीचिरकीतकपहुंचताहै।बराकरनदीमेंतीनमोटरलगाएगएहैं।दोसालसेमोटरखराबहोनेलगेहैं।बार-बारइसकीमरम्मतकरकामचलायाजारहाहै।इसबारदोमोटरकोमरम्मतकेलिएरांचीभेजागयाहै।एकहीमोटरसेपानीकीआपूर्तिकीजारहीहै।इसकारणबार-बारजलापूर्तिबाधितहोरहीहै।

आएदिनबराकरजलापूर्तियोजनाबंदहोनेसेमधुबन-चिरकीकीएकबड़ीआबादीकोकाफीदिक्कतोंकासामनाकरनापड़रहाहै।समस्याकानिदानकेलिएकोईखासपहलनहींकीजारहीहै।इधर2-3महीनेसेप्रत्येकमाह10दिनहीपानीमिलपारहाहै।

नागेंद्रसिंह,ग्रामीण

यहयोजनाअबबिल्कुलफ्लॉपदिखरहीहै।प्रबंधनतथाविभागइसपरबिल्कुलध्याननहींदेरहाहै।मुश्किलसेमाहमेंदसदिनपानीमिलपाताहै।गुरुवारकोपानीमिलाहै।बतायाजारहाहैकिएकदिनछोड़करपानीमिलेगा।जबइनइलाकोंमेंपानीकीदिक्कतहोगीतोसमझाजासकताहैप्रशासनकीक्यास्थितिहै।

विद्याभूषणमिश्र,ग्रामीण

पानीकीसमस्यामधुबनकेलिएबहुतबड़ीसमस्याहोगईहै।यहांप्राय:जलापूर्तिबंदरहतीहै।इससंबंधमेंविभागनकुछबताताहैऔरनहीसूचनादेताहै।समितिकेआपसीतालमेलकेअभावकेकारणयहसबदिक्कतहोरहीहै।

अभिषेकसहाय,ग्रामीण

येहैकारण:जलापूर्तिबाधितहोनेकामुख्यकारणसमितिकानिष्क्रियहोनाबतायाजारहाहै।किसीभीयोजनावसमितिकासंचालनकेलिएसमय-समयपरबैठककीजातीहै,लेकिनयहांसमितिकीबैठकनहींहोरहीहै,जिसकारणसमितिपरकईप्रकारकेआरोपलगरहेहैं।नामनछापनेकीशर्तपरकईलोगोंनेबतायाकिसमितिमेंसामंजस्यस्थापितनहींहै।बैठकमेंसमितिकेसभीसदस्योंकोनहींबुलायाजाताहै।इसवजहसेलाभुकोंसेराशिउगाहीसहितकईप्रकारकेकामबाधितहोतेहैंऔरधीरे-धीरेलोगनिष्क्रियहोतेजारहेहैं।