महादेव के दरबार में मां की महिमा का गुणगान

संवादसूत्र,ताडी़खेत(रानीखेत):सौनीस्थितसुप्रसिद्धबिनसरमहादेवगीताभवनदत्त्तात्रेयमंदिरमेंशतचंडीमहायज्ञवश्रीमद्देवीभागवतमहापुराणमेंभक्तोंकासैलाबउमड़ा।सुबहसेहीपूजाअर्चनाकरनेवालोंकातांतालगाहै।कथावाचनकरतेहुएव्यासनेभगवानविष्णुकेकानोंकेमलसेमधुवकैटवनामकदैत्योंकीउत्पत्तिकासारसुनाया।

बिनसरमहादेवमेंशतचंडीवदेवीभागवतमहायज्ञकेचौथेदिनकथाव्यासपंडितनंदाबल्लभपंतनेमाकीविभिन्नलीलाओंकागुणगानकिया।उन्होंनेभगवानविष्णुकेकानोंसेमधुवकैटवकीउत्पत्तितथाउनकेवधकासारसुनाया।कहादैत्योंकीललकारपरमाभगवतीनेब्रह्मातथाविष्णुसेकहादोनोंकोवरदानदेचुकीहूं।परंतुजबमैंइन्हेंमोहितकरूंतबइनकावधकियाजासकताहै।तबब्रह्मावविष्णुनेदैत्योंकावधकिया।इससेपूर्वमुख्यपुजारीनितिनपाडेनेयजमानधमर्ेंद्रकडाकोटी,गंगाकडा़कोटी,अभिषेकबंसलगुंजनबंसलसेधार्मिकअनुष्ठानपूरेकरवाएं।हरिद्वार,हल्द्वानी,रामनगरसेपहुंचेआचार्यपूरनचंद्र,दिनेशशर्मा,सतीशअमोली,नितेशरतूड़ी,गिरीशचंद्रवराजेंद्रप्रसादनेकथापाठकिया।

इन्होंनेकियासहयोगपीठाधीश्वरमहंतश्रीश्री108रामगिरी,भैरवगिरी,शिवगिरीवछोटेबाबानेश्रद्धालुओंकोआशीर्वाददिया।मंदिरसमितिसेजुड़ेचंदनबिष्ट,शिवराजसिंह,योगेशजोशी,हरीशकड़ाकोटि,कृष्णकुमारबंसल,गौरवबुधोड़ी,चंदनजोशी,प्रकाशपंत,हिमाशुशर्मा,हिमाशुजोशी,बलबीरसिंह,राजेंद्रसिंह,प्रेमसिंह,मनोजबिष्टआदिकारसेवामेंजुटेरहे।