क्षत्रिय राजपूत महासभा ने की श्री काली माता मंदिर की घटना की निदा

संवादसूत्र,मामून:क्षत्रियराजपूतमहासभाकीबैठकप्रधानकृपालसिंहपठानियाकीअध्यक्षतामेंहुई।कृपालपठानियानेकहाकिगतदिवसपटियालामेंश्रीकालीमातामंदिरमेंशरारतीतत्वोंद्वाराकीगईपत्थरबाजी,तलवारों,गोलियोंसेकिएगएहमलेकीसभाकड़ेशब्दोंमेंनिदाकरतीहै।पाकिस्तानमेंतोसुननेमेंअक्सरआतारहताहैकिवहांपरहिदूमंदिरोंमेतोडफोड़कीजातीहै,परंतुअगरभारतदेशमेंभीऐसाहोनेलगेगातोफिरहिदूकहींभीसुरक्षितनहींरहेगा।धार्मिकस्थलोंपरहमलाकरना,कुछशरारतीतत्वोंद्वारायहएकसोचीसमझीसाजिशकेतहतहोताहै,जिसपरसरकारकोकार्रवाईकरनीचाहिए।मंदिरमेंहुएहमलेसेहिदूसमाजकीभावनाएंआहतहुईहैं।ऐसेशरारतीतत्वोंकोनकेलडालनीचाहिए।इसमौकेपरमहासचिवरणदीपसिंहडडवाल,सीनियरउपाध्यक्षकैप्टनकर्णसिंहगुलेरिया,गंधर्वसिंह,सुभाषसिंह,विवेकसिंह,प्रवीणसिंह,अर्जुनसिंह,विजयसिंह,पूरनसिंह,सुरजीतसिंह,कुलवीरसिंह,खजानसिंह,सुरिदरसिंह,कुलदीपसिंह,कर्मसिंह,रविसिंहमन्हास,करनैलसिंह,जसवंतसिंहवअन्यमौजूदथे।