कृषि के विकास में खर्च हो मिनिरल फंड की राशि

संवादसूत्र,झारसुगुड़ा:कल-कारखानाबहुलझारसुगुड़ाजिलेमेंकृषिकीबदतरहालतकोदेखतेहुएकिसानसंगठनोंनेप्रदूषणसेप्रभावितमिट्टीकीउर्वराबढ़ानेसमेतकृषिकेविकासमेंडिस्ट्रिक्टमिनिरलफंडसेराशिखर्चकरनेकीमांगकीगईहै।किसानोंनेजिलाधीशकार्यालयकेसमक्षप्रदर्शनकरराष्ट्रपतिकेनामज्ञापनसौंपाहै।

इसमौकेपरकिसानोंनेबतायाकिप्रदूषणकेकरणजमीनकीउर्वरतानष्टहोरहीहै।खेतीनहींहोनेसेकिसानबेहालहैं।इसमेंसुधारकेलिएसिचाईकीपर्याप्तसुविधातथाकृषिकेविकासकेलिएआवश्यकसंसाधनमुहैयाकरानेकेलिएडिस्ट्रिक्टमिनिरलफंडसेराशिखर्चकीजानीचाहिए।किसानोंद्वाराज्ञापनकीप्रतिक्षेत्रीयसांसदतथाविधायककोभीप्रेषितकीगयीहै।ज्ञापनमेंकेंद्रवराज्यसरकारकीओरसेकिसानोंकोखेतीकेतौर-तरीकेबताने,कर्जमाफी,मनरेगामेंकृषिश्रमिकोंकोरोजगार,पूर्णांगमार्केटयार्डबनाने,समुचितसिचाईव्यवस्थाकेलिएब्लूप्रिटतैयारकरने,प्रधानमंत्रीफसलबीमायोजनामेंसुविधाउपलब्धकराने,60सालसेअधिकआयुकेकिसानोंकोमासिकदसहजाररुपयेपेंशनदेने,धानकान्यूनतममूल्यप्रतिक्विंटल23सौरुपयेप्रदानकरनेआदिमांगशामिलहैं।इसप्रदर्शनमेंकिसाननेतादिलीपबड़पंडा,सुरेशखमारी,कमललोचनप्रधान,बिबाधरबढ़ई,अशोकनायक,गुलाबपटेल,सुरेन्द्रप्रधान,प्रेमानंदपटेल,तुलारामनायक,गौरीशंकरतांती,सुरेशत्रिपाठीप्रमुखशामिलथे।