कब बुझेगी तहसील वासियों की प्यास

संवादसहयोगी,बसोहली:क्षेत्रकेअधिकांशगांवोंमेंकईवर्षसेपानीकीकिल्लतबरकरारहै।इसकीवजहसेलोगोंकोकोसोंदूरजाकरप्राकृतिकस्त्रोतोंसेपानीलानापड़ताहै।लोगोंकाकहनाहैकिगांवमेंपेयजलआपूर्तिकेलिएकोईभीप्रयासनहींकियाजारहाहै।ऐसीकेवलएकगांवकीकहानीनहीं,बल्किदर्जनोंगांवोंमेंयहीहालहै,जिन्हेंगर्मियोंमेंपानीकेलिएभटकनापड़ताहै।

झीलकापानीबुझासकताहैदर्जनोंगांवोंकीप्यास

तहसीलकेअधिकांशगांवोंकेआसपासरंजीतसागरबांधकीझीलहै,जिसकापानीलिफ्टकरकईगांवोंजिनमेंपंचायतपलासी,पंतेड़,पूंडा,पलाख,पलाहीआदिगांवोंकेमोड़ोंकोदियाजासकताहै,मगरविभागनेसहीढंगसेआजतकप्रयासनहींकिया।

क्याकहतेहैंलोग

तहसीलकेगांवपलाखकेसरपंचशेरसिंहकाकहनाहैकिपलाखमेंगर्मियांतोदूरसर्दियोंमेंभीपानीकीकिल्लतरहतीहै।महिलाओंकोरविवारकेदिनइकट्ठाहोकररंजीतसागरबांधकीझीलमेंकपड़ेधोनेजानापड़ताहै।यहीनहींगर्मियोंमेंप्राकृतिकस्रोतजबसूखजातेहैंतोमालमवेशियोंकोलेकरझीलतककासफररोजानादोसेतीनबारकरनापड़ताहै।घगरोडगांवकेपूर्वसरपंचचमैलसिंहकाकहनाहैकिजैटगांवमेंआजतकसहीढंगसेपानीकीआपूर्तिहुईहीनहींहुई,लोगआजभीप्राकृतिकस्रोतपरनिर्भरहैं।बटाड़ागांवकेनिवासीकेवलसिंहकाकहनाहैकिउनकेगांवकेआसपासकेमोड़ोंखरलाड़,पपराली,आदिकोविभागनेआजतककिसीभीस्कीममेंसहीढंगसेनहींरखा।लोगोंकोआजकेयुगमेंभीपानीकेलिएतरसनापड़ताहै।

क्याकहतेहैंअधिकारी

पानीकीआपूर्तिकोलेकरकईगांवोंमेंकामकरायाजारहाहै।बसोहलीमेंकामकईस्टेजकाचलरहाहै।घगरोड़एवंअन्यकईजगहोंपरकामकाजआनेवालेदिनोंमेंशुरूहोजाएगा।

-राजीवसोई,एईई,पीएचई