कानपुर : गन्ने में 70 प्रतिशत तक होता है पानी, दोबारा उपयोग कर जल दोहन कम कर सकते हैं, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान की कार्यशाला में हुई चर्चा

कानपुर,जागरणसंवाददाता।राष्ट्रीयशर्करासंस्थान(एनएसआइ)मेंविश्वजलदिवसपर'भूजल-अदृश्यकोदृश्यबनाना'विषयपरकार्यशालाकाआयोजनहाइब्रिडमोडमेंकियागया।निदेशकप्रो.नरेंद्रमोहननेचीनीकारखानोंमेंप्रसंस्करणकेलिएताजेपानीकेउपयोगकोकमकरनेकीजरूरतबतातेहुएकहाकिगन्नेमें70प्रतिशतपानीहोताहै।इसकादोबाराउपयोगकरकेप्राकृतिकसंसाधनोंसेजलदोहनकोकमकियाजासकताहै।

निदेशकनेबतायाकिएनएसआइकीनवीनकंडेंसेटऔरजलप्रबंधनप्रणालीकेमाध्यमसेताजेपानीकीआवश्यकतामेंकमीआईहै।पिछलेपांचवर्षमेंगंगाबेसिनकीचीनीमिलोंमेंताजेपानीकीखपत140-180लीटरप्रतिटनगन्नेसेघटकर80-100लीटरप्रतिटनगन्नाहोगईहै।

निदेशकनेकहाकिदेशमेंप्रतिवर्ष30करोड़मीट्रिकटनगन्नेकीपेराईहोतीहै,इसलिएऐसीप्रणालीकोअपनानेसेपानीकीबचतहोसकतीहै।इसीतरहडिस्टिलरीमेंताजेपानीकीखपत12-14लीटरप्रतिलीटरअल्कोहलसेघटकरछह-सातलीटरप्रतिलीटरअल्कोहलहुईहै।

वहीं,डा.स्वेननेकहाकिउचितउपचारकेबादचीनीइकाइयोंसेनिकलनेवालेअपशिष्टकाउपयोगशीराआधारितडिस्टलरियोंऔरबिजलीउत्पादनइकाइयोंमेंकरकेउनमेंपानीकीआवश्यकताकोकमकियाजासकताहै।त्रिवेणीइंजीनियरिंगएंडइंडस्ट्रीजलिमिटेडकेयूनिटहेडप्रदीपखंडेलवालनेसिंचाईकीआधुनिकतकनीकमेंकुंडवड्रिपसिंचाईकोबढ़ानेपरजोरदिया।कार्यक्रममेंचीनीवएथेनालउद्योगोंकेप्रतिनिधियोंनेहिस्सालिया।