कांग्रेस के हाथ से निकल सकता है डेप्युटी स्पीकर का पद

सी.एल.मनोज,नईदिल्लीएनडीएसरकारपहलेहीकांग्रेसकोविपक्षकानेतापदनहींदेनेकानिश्चयकरचुकीहै।अबसंकेतमिलरहेहैंकिसत्ताधारीदलविपक्षीपार्टीकोडेप्युटीस्पीकरकापदभीऑफरनहींकरे।अगरऐसाहोताहै,तो1991केबादसेचलरहीउसपरंपराकाखात्माहोसकताहै,जिसमेंलोकसभामेंविपक्षकोडेप्य़ुटीस्पीकरकापददियाजातारहाहै।सत्ताधारीदलकेएकसूत्रनेइकनॉमिकटाइम्सकोबताया,'डेप्य़ुटीस्पीकरकोचुननेकीप्रक्रियाअभीऔपचारिकतौरपरशुरूनहींहुईहै।हालांकि,इसतरहकाकोईसख्तनियमऔरपरंपरानहींहैकिडेप्य़ुटीस्पीकरकापदहमेशासदनमेंसबसेबड़ीविपक्षीपार्टीकोदियाजानाचाहिए।यहमामलामुख्यतौरपरराजनीतिकसमीकरणोंऔरइसपदकेलिएकिसीखासपार्टीकीक्षमतासेजुड़ाहै।यहमामलाकैसेशक्ललेताहै,यहतोआनेवालावक्तहीबताएगा।'14वींऔर15वींलोकसभामेंकांग्रेसकीअगुवाईवालीयूपीएसरकारनेबीजेपी-एनडीएकोडेप्य़ुटीस्पीकरकापदसौंपाथा।2004-09केदौरानबीजेपीकीसहयोगीपार्टीअकालीदलकेसांसदचरणजीतसिंहअटवाललोकसभामेंडेप्य़ुटीस्पीकरथे।इसीतरह,2009-2014केदौरानबीजेपीकेकड़ियामुंडाडेप्य़ुटीस्पीकरकेपदपरविराजमानरहे।1998-2004केएनडीएशासनमेंकांग्रेसकेपीएमसईदडेप्य़ुटीस्पीकरथे।नरसिम्हारावऔरसंयुक्तमोर्चेकीरिजीमकेदौरानक्रमश:बीजेपीकेएस.मल्लिकार्जुनऔरसुराजीभांवेरेनेयहपदसंभालाथा।हालांकि,सूत्रोंकाकहनाहैकि1984-89केराजीवगांधीकेकार्यकालकेदौरानकांग्रेसनेअपनीतत्कालीनसहयोगीपार्टीएआईडीएमकेकोयहपददियाऔरटीदुरईलोकसभाकेडेप्य़ुटीस्पीकरबने।सूत्रोंनेयहभीबतायाकिइससेपहलेकीकांग्रेससरकारोंकेदौरानस्पीकरऔरडेप्य़ुटीस्पीकरदोनोंपदसत्ताधारीपार्टीऔरउसकीसहयोगियोंकोमिलतेथे।मौजूदालोकसभामेंबीजेपीकीअगुवाईवालीएनडीएसरकारकेपासस्पष्टबहुमतहैऔरकांग्रेसकेपासविपक्षीपार्टीहोनेकीताकतभीनहींऐसेमेंडेप्य़ुटीस्पीकरकेविकल्पकादायराबढ़सकताहै।यूपीएके60सीटोंकेमुकाबलेएआईडीएमके-टीएमसी-बीजेडीगठबंधनकेपास90सेऊपरसांसदहैं।सूत्रोंकीमानेंतोइसकामतलबयहहैकिएनडीएअपनेसहयोगीपार्टीऔरगैर-कांग्रेसीविपक्षीपार्टीकोडेप्य़ुटीसरकारकापददेसकतीहै।विपक्षमेंएआईडीएमके-टीएमसी-बीजेडीकेसांसदसाफतौरपरयूपीएसेदूरीबनाकरचलरहेहैं।एआईडीएमकेऔरबीजेडीएनडीएसरकारकोलेकरटीएमसीकीतुलनामेंकमआक्रामकहैं।नेता,प्रतिपक्षकेमोर्चेपरलोकसभामेंकांग्रेसकेनेतामल्लिकार्जुनखड़गेनेबुधवारकोऔपचारिकतौरपरमेमोरेंडमपेशकियाहै।इसमेमोरेंडमपरयूपीएकेसभी60सांसदोंकेहस्ताक्षरहैं।इसकेबादपार्टीविपक्षकेनेतापदकेलिएलोकसभास्पीकरकेसामनेअपनादावापेशकरेगी।