जिस भाषा से महिलाओं को हो पीड़ा, वह निंदनीय : राम नाईक

गोंडा(जेएनएन)।राजनेताओंकीभाषामेंआरहीगिरावटवनरेशअग्रवालकेबयानपरशनिवारकोप्रदेशकेराज्यपालरामनाईकखुलकरबोले।कहाकि,भारतकीजोसंस्कृतिहै,वहसभीकोगरिमाकीदृष्टिसेदेखतीहैविशेषकरमहिलाओंको।ऐसेमेंकिसीभीकारणसेकिसीभीवाणीसेमहिलाओंकोपीड़ाहोजाएतोइसकीजितनीभीनिंदाकीजाएकमहै।

शनिवारकोजयप्रभाग्राममेंआयोजितअखिलभारतीयलोककलामहोत्सवकासमापनकरनेकेबादपत्रकारोंसेमुखातिबराज्यपालनेप्रदेशकीकानूनव्यवस्थाकेसवालपरकहाकिउनकासाढ़ेतीनसालकाकार्यकालहोचुकाहै।जबउन्होंनेकार्यभारसंभालाथा,तबसूबेमेंअखिलेशयादवमुख्यमंत्रीथे।अबएकसालसेप्रदेशमेंयोगीआदित्यनाथकीसरकारहै।किसीकेकार्यकामूल्यांकनकरनाजनताकाकामहोताहै,आजकीकानूनव्यवस्थामेंसुधारहुआहै,जिससेप्रदेशकोविकासमेंआगेलेजायाजासकताहै।इसकाप्रमाण21व22फरवरीकोइन्वेस्टर्ससमिटमेंदिखा,जिसमें 4.28लाखकरोड़केप्रस्तावआएहैं।

राज्यपालनेकहाकिअगरकोईनिवेशककहींपरपूंजीलगाताहैतोउसकेसामनेसुरक्षाव24घंटेबिजलीप्रमुखबिंदुहोताहै।ऐसेमेंसरकारनेकामकियाहै।