हिमाचल दिवस: अस्तित्व से लेकर अबतक का सफर, जानिए कैसे विकास के पथ पर बढ़ता गया हिमाचल

1948मेंअस्तित्वमेंआएहिमाचलप्रदेशकीविकासगाथाअबकईदशकदूरनिकलआईहै।आधारभूतढांचाहीनहीं,सभीक्षेत्रोंमेंप्रदेशआगेबढ़ाहैऔरविकासकेनएमार्गप्रशस्तकिएहैं।पहाड़ीराज्यअन्यराज्योंकेलिएकईक्षेत्रोंमेंमिसालबनाहै।यहांहरघरमेंपानीऔरबिजलीकेअलावाप्रतिव्यक्तिआयभीकरीबढाईसौरुपयेसे1.58लाखरुपयेसेअधिकपहुंचचुकीहै।सेना,खेल,राजनीतिऔरकईक्षेत्रोंमेंपरचमफहरानेवालेहिमाचलप्रदेशकीवास्तविकसफलतारहीहैपहाड़कीचुनौतियोंकेआगेपहाड़कीतरहडटकरसामनाकरना।हिमाचलप्रदेशनेयहभीसिखायाहैकिभौगोलिकपरिस्थितियांकठिनहोनेकेबावजूदसफलताकैसेपाईजातीहै।इसमेंदोरायनहींकिहिमाचलजहांसेचलाथा,उससेकहींआगेबढ़ाहैऔरसीमितवित्तीयसंसाधनोंकेबावजूदविकासकापहियाहरजगहघूमाहै।प्रदेशआजजिसमुकामपरहै,उसमेंजनताकाभीउतनाहीयोगदानहै,जितनायहांकेनेताओंका।हिमाचलप्रदेशउनखुशकिस्मतराज्योंमेंभीहैजिसेजितनेमुख्यमंत्रीमिले,सबउच्चशिक्षितवजमीनसेजुड़ेलोगरहेऔरहैं।विकासकोनिरंतरप्रक्रियाकहाजाताहैइसलिएउसकीगुंजाइशहमेशाहीबनीरहतीहै।आजभी23हजारमेगावाटबिजलीक्षमताकादोहनचुनौतीहै।पर्यटनकेप्रतिगंभीरताऔरबढ़ेतोकाफीकुछहासिलकियाजासकताहै।हिमाचलकीउपलब्धियोंकेबीचयहबातसालतीहैकिदेशहितसेजुड़ीपहाड़ीराज्यकीकईमांगेंकेंद्रकीसरकारेंअनसुनीकरतीरहीहैं।प्रदेशमेंरेललाइनोंकाविस्तारनहींहोपायाहै।संसदमेंहिमाचलकेहिस्सेसिर्फसातसांसदहैं।इसीलिएरेलयोजनाओंकीबातहरसालउठतीहैलेकिनरेलपहाड़कीचढ़ाईचढ़नहींपाई।सेनामेंअभूतपूर्वप्रदर्शनकेबावजूदभर्तीकेलिएजनसंख्याकीशर्तजुड़जातीहै।औद्योगिकपैकेजसेप्रदेशमेंउद्योगोंकाविकासहुआलेकिनइसकेखत्महोतेहीउद्योगपलायनकररहेहैं।हवाईसेवाओंकाविस्तारकुछहुआहै,लेकिनकाफीकुछकियाजानाशेषहै।इनसबकेबीचउम्मीदयहीहैकिप्रदेशविकासकेपथपरनिरंतरचलतारहेगावनएआयामतकपहुंचेगा।अपनेवित्तीयसंसाधनोंकोइतनामजबूतकियाजाएगाकिविकासकेलिएकर्जयाकेंद्रकासहारानलेनापड़े।हिमाचलदिवसकीसभीकोबधाई।

(स्थानीयसंपादकीयहिमाचलप्रदेश)