गोसाई खेड़ा, जहां युवाओं में सेना में भर्ती होने का है जुनून

बिजेंद्रमलिक,जींद

शहरसे15किलोमीटरदूररोहतकरोडपरस्थितगोसाईंखेड़ागांव,जिसकीआबादीकरीबढाईहजारहै।इसगांवकेयुवाओंमेंसेनामेंभर्तीहोकरदेशसेवाकाजुनूनहै।गांवमें50सेज्यादालोगसेनासेविभिन्नपदोंसेरिटायरहोचुकेहैं।अभीभी20सेज्यादालोगसेनामेंकार्यरतहैं।ग्रामपंचायतकीतरफसेसेनाकीभर्तीकीतैयारीकेलिएचारएकड़जमीनछोड़ीहुईहै।साल2000से2005केदौरानगांवकेसरपंचरहेरामकुमारभीसेनासेरिटायरहैं।गांवसेकईलोगसेनामेंबड़ेपदोंपरभीरहेहैं।भरतसिंह,दलीपसिंह,सुंदरलालआनरेरीकैप्टनरहचुकेहैं।वहींकर्णसिंहऔरमानसिंहकर्नलरहे।कवरसिंहसूबेदारकेपदसेरिटायरहुए।सूबेदारकवरसिंह,हवलदारकपूरसिंह,हवलदाररामकुमार,सिपाहीदोकरामसमेतगांवकेपूर्वसैनिकोंने1971कीलड़ाईलड़ी।करीब15सालपहलेसूबेदारजगदीशड्यूटीकेदौरानहादसेमेंशहीदहोगएथे।जिनकीगांवमेंप्रतिमाभीबनीहुईहै।

आजादीसेपहलेसेहीहैसेनासेनाता

पूर्वसरपंचरामकुमारकेअनुसारआजादीसेपहलेउनकेपरिवारसेदादासूबेदारसरदाराअंग्रेजोंकीफौजमेंहोतेथे।रामकुमारकेपितालच्छमण,चाचावजीरसिंह,चतरसिंह,बलवंततसिंहभीसेनामेंथे।दारासूबेदारसरदारानेहीगांवकेकईलोगोंकोसेनामेंभर्तीकराया।गांवमेंहरतीसरेघरसेसेनामेंकोईनाकोईरहाहै।जिससेयुवाओंमेंअबभीसेनामेंभर्तीहोनेकाजुनूनहै।

सुविधाओंकाअभाव,फिरभीपसीनाबहाकरसेनामेंहोतेभर्ती

गांवमेंकरीब200हीघरहैं।छोटागांवहोनेकेकारणगांवमेंज्यादासुविधाएंभीनहींहैं।लेकिनइसकेबावजूदयुवासुबह-शामपसीनाबहाकरसेनामेंभर्तीहोनेकेलिएतैयारीकरतेहैं।पूर्वसरपंचरामकुमारनेबतायाकिउन्होंनेअपनेकार्यकालमेंचारएकड़पंचायतीजमीनयुवाओंकेखेलनेकेलिएखेलनेकेलिएछुड़वाईथी।ताकिवेप्रैक्टिसकरसेनावपुलिसमेंभर्तीहोनेकेलिएतैयारीकरसकें।