एनआरसी मुद्दे पर बंगालियों में उबाल

संवादसूत्र,दिनेशपुर:पूरेदेशमेंएनआरसीलागूकरनेकीसरकारकीघोषणासेपूरेकुमाऊंकेबंगालियोंमेंउबालहै।जगहजगहविरोधकेस्वरउठनेलगेहैं।पूर्वविधायकएवंकांग्रेसीनेताप्रेमानंदमहाजननेअपनेआवासपरबंगालीसमाजकेतमामजनप्रतिनिधियोंकेसाथबैठककरएनआरसीकाविरोधकिया।

महाजननेबांग्लाभाषीतथापंजाबीसमाजकेलोगोंकोसंबोधितकरतेहुएकहाकिएनआरसीकेमुद्देमेंएकहीसमुदायकोटारगेटकियाजारहाहै।मुख्यमंत्रीनेप्रदेशमेंएनआरसीलागूकरनेकाबयानजारीकियाहै।विभाजनकेसमयबांग्लादेशसेआएतमामशरणार्थियोंकोतत्कालीनकांग्रेससरकारनेउत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़,उड़ीसा,असमसहिततमामराज्योंमेंबंगालियोंकोबसायाथा।सभीयहांपरबसनेवालेलोगहिदूहैं।1951मेंबसायागयाऔरआजएनआरसीकेमाध्यमसेवहलोगअपनेआपकोभारतीयहोनाकैसेसाबितकरेंगे।कईपीढ़ीगुजरचुकीहैंलिहाजादस्तावेजमेंकमीहोनास्वभाविकहै।बंगालियोंकाउत्पीड़नहोनातयहै।जिलेमेंबसेतमामबंगालियोंकोटॉरगेटकरनाउचितनहींहै।प्रादेशिकबंगालीकल्याणसमितिअध्यक्षतारकबाछाड़काकहनाथाकिबंगालियोंकायदिप्रदेशमेंउत्पीड़नहोताहैतोबर्दाश्तनहीकियाजाएगा।कहाकिहमहिदूहैंऔरभारतमेंरहतेहैं।यदिकलकोउन्हेंयहकहाजाएकिआपबांग्लादेशीहोतोयहठीकनहींहै।सभीनेप्रदेशकेमुख्यमंत्रीकोएनआरसीकेमुद्देपरपुन:विचारकरनेकोकहाहै।इसमौकेपरत्रिनाथविश्वास,किशोरहालदार,दीपकचक्रवर्ती,आशुतोषराय,डॉ.नारायणहालदार,निखिलबढ़ाई,निरंजनघरामी,पवनकुमार,कुलदीपसिंहबब्बनआदिमौजूदथे।