East Champaran: प्रवासी पक्षियों के खून से लाल हो रही सरोतर झील, सिस्टम मौन व वन विभाग अंजान

डुमरियाघाट(पूच),जासं।नववर्ष2021केलिएजहांहरजगहनयेसालकीतैयारीचलरहीहैवहीसूबेकेचर्चितसरोतरझीलकापानीमेहमानप्रवासीपक्षियोंकेखूनसेलालहोरहाहै।झीलपरहावीशिकारियोंकेरैकेटद्वारानएसालमेंमुंहमांगेदामोंपरग्राहकोंसेबेचनेकेलिएव्यापकपैमानेपरमेहमानपक्षियोंकेशिकारकियाजारहाहै।इसकोलेकरशिकारियोंनेजमकरतैयारीकियाहै।झीलकेपानीकेऊपरबड़ेबड़ेजाललगाएहै।वहींसैकड़ोनावकाइंतजामहुआहै।मछलीपालनकीआड़मेंशिकारियोंकारैकेटनावकेसहारेझीलकेअंदरपहुंचताहै।मछलीपकड़नेवालेजालकेनामपरपक्षियोंकोपकड़नेकेलिएबांसबल्लोंकेसहारेपानीकेसतहऔरपानीकेजालखड़ादेताहै।वहीरातकेअंधेरेमेंटीना,थालीआदिकीआवाजकीशोरसेपक्षियोंकोउड़ातेहै।

पक्षीडरकरउड़तेहैऔरफिरबड़ीआसानीसेशिकारियोंकेचुंगलमेंफंसजातेहै।फिरउन्हेंयेशातिरशिकारीरातभरनावमेंभरकरपानीकेअंदरहीरखतेहै।फिरउन्हेंछोटेछोटेकारोबारियोंऔरग्राहकोंसेबेचाजाताहै।सबकुछजानतेहुएभीप्रशासनऔरवनविभागअंजानबनाहुआहै।इसकारनामेमेंविभागीयमिलीभगतसेइंकारनहीकियाजासकताहै।मालूमहोकिविदेशोंमेंभारीबर्फबारीकेकारणयहांसुखदसमयबितानेकेलिएभारतमेंप्रवासीपक्षियोंकाआगमनलाखोंकीसंख्यामेंहोताहै।गुलाबीठंडकेशुरुआतकेसाथहीउतरबिहारकाचर्चितसरोतरझीलविदेशीमेहमानसाइबेरियनपक्षियोंकेइंतजारमेंपलकबिछाएरहताहै।सातसमंदरपारसेमिलोंदूरसफरतयकररंगबिरंगेपक्षियोंकाझीलमेंउतरतेहै।ठंडकीशुरुआतहोतेहीनवंबरमाहकेप्रथमसप्ताहसेयहांपक्षियोंकाआनाशुरूहोजाताहै।

इनपक्षियोंकाप्रवासमार्चतकरहताहै।रंगबिरंगेपक्षियोंकीकरतलध्वनिसेझीलकीसुंदरतामेंचारचांदलगजाताहै।रौनकबढ़जातीहै।प्रत्येकवर्षदर्जनोंप्रजातिकेपक्षीयहांआतेहै।आनेवालेपक्षियोंकीसंख्यासैकड़ोमेंनहीबल्किकईहजारोंमेंहोतीहै।इसझीलमेंपांचमाहकेप्रवासकेबादगर्मियांशुरूहोतेहीअपनेवतनकोलौटजातेहै।प्रवासीपक्षियोंकाआकर्षणदेखतेहीबनताहै।पक्षियोंकाझीलसेउड़ानभरनाअटखेलियांकरनाबहुतहीसुंदरवमनोरमदृश्यप्रस्तुतकरताहै।आसपासकेगांवोंकेऊपरजबपक्षियोंकाझुंडआसमानमेंउड़ताहैतोदेखतेबनताहै।मगरअफसोसयहहैकीझीलकेविकासवसौंदर्यीकरणकेलिएशासन,प्रशासनववनविभागउदासीनहै।पक्षियोंकेआगमनकेसाथहीवनसंरक्षणअधिनियमकीधज्जियांउड़ातेधड़ल्लेसेउनकाशिकारहोनाशुरूहोजाताहै।वहीसबकुछजानतेहुएसिस्टममौनधारणकिएहुएहै।

नेशनलहाइवे-28धनगढहांचौकसेपूरबकरीबचारकिमीदूरीपरअवस्थितहैयहझील।सैकड़ोएकड़क्षेत्रफलमेंहैफैलीहैयहझील।यहझीलसरोतर,बनपरुआ,नारायणपुर,पुरैना,सेम्भुआपुर,चांदपरसाआदिगांवसेचारोंतरफसेघिराहुआहै।

अभीक्याहैस्थिति

झीलमेंअभीपक्षियोंकाउतरनाशुरूहोचुकाहै।हालांकिअभीइनकीसंख्याकमहै।ठंडमेंवृद्धिऔरबारिशहोनेकेसाथहीइनकेआवकमेंकाफीवृद्धिहोनेलगतीहै।

कौनकौनप्रजातिकेआतेहैपक्षी

यहांमुख्यरूपसेलालसर,दीघवच,कसुरार,डुमर,निलसर,डार्टर,ब्लैकनेकेडस्टॉक,कूट,किंगफिशर,मूरहेन,ग्रैहेरान,कॉमनइगरेट,टिल,पर्पलहेरानआदिप्रजातिकेपक्षीप्रवासकेलिएआतेहै।

किनकिनजगहोंसेआतेहैपक्षी

ठंडेइलाकेवालेदेशसाइबेरिया,स्विट्जरलैंड,इंडोतिब्बत,वर्मा,थाईलैंड,जापान,रूस,अफगानिस्तान,मंगोलिया,इंडोनेशियाआदिदेशोंसेप्रवासीपक्षीयहांपहुंचतेहै।

शिकारमाहीपररोककेलिएक्याहुआहैअबतकइंतजाम

शिकारपररोककेलिएअबतकसेम्भुआपुर,धनगढहाँआदिजगहोंपरडिस्प्लेबोर्डलगाकरशिकारनहीकरनेकानिर्देशदियागयाहै।शिकारकीसूचनापरवनविभागदिखावेकेलिएगश्तकरताहैजिसकानतीजासिफररहताहै।