दूसरों को पाठ पढ़ाने वाले खुद लड़ रहे भुगतान की लड़ाई

बक्सर।शिक्षकविद्यालयोंमेंयाअन्यमाध्यमोंकेसहारेअपनेसार्थकहककीरक्षाकेलिएदूसरोंकोप्रेरितकरतेहैंऔरमानवताकापाठपढ़ातेहैं।नैतिकमूल्योंकीजानकारीदेतेहैं।शिक्षककीबातोंकासमाजपरसकारात्मकप्रभावपड़ताहै।लेकिनदूसरोंकोपाठपढ़ानेवालेशिक्षकोंकोहीआजभुगतानकीलड़ाईलड़नीपड़रहीहै।बिहारराज्यप्रारंभिकशिक्षकसंघडुमरांवकेअध्यक्षमुक्तेश्वरप्रसादनेयेबातेंकहीं।अनिश्चितकालीनभूखहड़तालकेतीसरेदिनवहकार्यक्रमकोसंबोधितकररहेथे।

उन्होंनेकहाकिदूसरोंकोअधिकारकापाठपढ़ानेवालेशिक्षकोंकोअधिकारनहींमिलरहाहै।सरकारपरकटाक्षकरतेहुएउन्होंनेकहाकिवर्तमानसरकारतथाअधिकारीविभिन्नहथकंडेअपनाकरस्वस्थवस्वच्छसमाजनिर्माणकारीकड़ियोंकोतोड़नेकाअंग्रेजीविचारधाराअपनारहेहैं।विश्वकीसर्वश्रेष्ठअवसरवादीविचारधारावालीसरकारसरकारीविद्यालयोंसेशिक्षाकोबर्बादकरनाचाहतीहै।अगरऐसानहींहोतातोशिक्षकोंकोतीनचारमाहबादभीवेतनकेलालेनहींपड़ते।वहीं,जयप्रकाशशर्मानेकहाकिहमहकमांगरहेहैंकोईदाननहीं।तीसरेदिनकार्यक्रमकीअध्यक्षताश्रीशर्मातथासंचालनशिक्षकनेताधनजीसिंहवविमलसिंहद्वारासंयुक्तरूपसेकियागया।मौकेपरजयप्रकाशसिंह,राकेशकुमार,जयकुमारराय,ज्ञानेश्वरपासवान,धनजीकुमारसिंह,राजकुमार,अभयकुमार,अनिलकुमारचंद्रवंशी,राकेशराय,अनितायादव,राजेशकुमारसिंह,प्रदीपशर्मा,प्रोन्नतिसंघर्षमोर्चाकेयतीन्द्रचौबे,अखिलेश्वरचौबे,ज्ञानचंदराय,गोपगुटकेजिलाअध्यक्षसुरेन्द्रकुमारसिंह,प्रदीपशर्मा,सुभाषपासवान,संजयकुमारगुप्ताआदिमौजूदथे।