डेढ़ दशक से किला लाल सिंह नहर पर नहीं लग रहा बैसाखी का मेला

संवादसहयोगी,किलालालसिह:धार्मिकमान्यताकेमुताबिकबैसाखीवालेशुभदिनपुण्यकमानेकेलिएचलतेपानीमेंस्नानकरनेकीपरंपरासदियोंसेचलतीआरहीहै।इसकीवजहसेइसपवित्रदिनकुछलोगकाशी,हरिद्वारआदिजाकरगंगामेंस्नानकरतेहैं।ज्यादातरलोगनजदीकीनहरोंआदिपरस्नानकरनेकेलिएजातेहैं।

किलालालसिंहसेगुजरतीअपरबारीदोआबनहरपरभीइसदिनपिछलेकईदशकोंसेबड़ीसंख्यामेंलोगस्नानकरनेकेलिएआतेथे।इसकीवजहसेयहांबड़ाभारीमेलालगताथा।मगरपिछलेकरीब15साल(डेढ़दशक)सेनहरीविभागकीउदासीनताकेचलतेकिलालालसिंहनहरपरमेलालगनाबंदहोचुकाहै।इसकीवजहसेइसनहरपरनजदीकीइलाकोंसेस्नानकरनेआनेवालेलोगपरेशानहैंतथासाथहीमेलानहींलगनेकीवजहसेस्थानीयदुकानदारोंकोभीआर्थिकनुकसानझेलनापड़रहाहै।

गौरतलबहैकिकरीब15-16सालपहलेबैसाखीकेशुभमौकेपरनहरीविभागकीतरफसेनहरमेंपानीनहींछोड़ागयातथायहसिलसिलालगातारकईसालचलतारहा।इसकीवजहसेलोगनहरपरस्नानकरनेआनेकेलिएकतरानेलगेवधीरे-धीरेयहांलोगोंकास्नानकरनेआनाबंदहोगया।इसकेफलस्वरूपयहांमेलालगनाभीबंदहोगया।दूसरासबसेबड़ाकारणनहरपरस्नानकरनेकेलिएबनीसीढि़यांभीटूटकरविलुप्तहोचुकीहैं।बिनासीढि़योंकेनहरमेंनहानेउतरनाखतरेसेखालीनहींरहा।इसकीवजहसेजोथोड़ेबहुतलोगनहरशुरूहोनेपरस्नानकरनेआतेथेवहभीबिनास्नानकिएहीवापसचलेजानेलगे।अबहालातऐसेहोचुकेहैंकियहांकोईभीवैशाखीपरस्नानकरनेनहींआतातथानाहीमेलालगताहै।दुकानदारोंनेकीघाटबनानेकीमांग

दुकानदारबलदेवसिंह,बलवंतसिंह,तरसेमसिंह,कुलदीपसिंह,सरबजीतसिंह,प्रवेशकुमारआदिनेबतायाकिपहलेबैसाखीवालेदिनकिलालालसिंहनहरपरभारीमेलालगताथा।लोगदूर-दराजसेयहांस्नानकरनेआतेथे।इसकीवजहसेहमाराव्यापारभीकाफीबढि़याचलताथा।मगरपिछलेकरीब15सालोंसेनहरीविभागकीलापरवाहीकीवजहसेनहरमेंपानीनाछोड़नेवसीढि़योंकानिर्माणनहींकरानेकीवजहसेलोगोंनेयहांस्नानकरनेआनाहीबंदकरदिया।लोगोंनेनहरीविभागसेपुरजोरमांगकीहैकिजल्दीसेजल्दीइसनहरपरसीढि़योंकानएसिरेसेनिर्माणकरवायाजाए।साथहीस्नानआदिकरनेकेलिएयहांघाटोंकानिर्माणभीकियाजाए।वर्तमानमेंअबइलाकेकेलोगबैसाखीकेमौकेस्नानकरनेकेलिएनहरपरआनेकेस्थानपरगुरुद्वाराहोठीयांसाहिबजारहेहैं।अबबैसाखीकामेलाभीवहींलगरहाहै।