चुनाव में पिता ने जीत का तो बेटे ने हार का बनाया रिकार्ड, कौन हैं ये पिता पुत्र, पढ़ें इनके सियासी सफर की कहानी

रामपुर,(मुस्लेमीन)।UPVidhanSabhaElection2022:शाहबादविधानसभासीटसेबंशीधरपांचबारविधायकचुनेगए,जबकिउनकेबेटेचंद्रपालसिंहलगातारआठबारचुनावहारगए।वहहरबारचुनावलड़तेहैंऔरमुकाबलेमेंभीरहतेहैं।कांग्रेसऔरभाजपाकेसाथहीनिर्दलीयभीचुनावलड़चुकेहैं।विधायकभलेहीनहींबनसके,लेकिनदोबारजिलापंचायतकेचेयरमैनभीरहचुकेहैं।गांवकीप्रधानीपरतोआजादीकेबादसेहीइनकेपरिवारकाकब्जारहाहै।पांचबारविधायकबनेवंशीधरक्षेत्रमेंबहुतहीलोकप्रियथे।उनकेनामसेहीउनकेगांवकीपहचानबनगईहै।

लोगउनकेगांवकोटांडावंशीधरकेनामसेपुकारतेहैं।वहअक्सररिक्शासेघूमतेथे।गनरभीसाथनहींरखते।लखनऊट्रेनसेअकेलेहीचलेजातेथे।आजादीकेबादसेहीगांवकेप्रधानबनगएऔरबादमेंविधायक।बात1967कीहै।तबलोकसभाऔरविधानसभाचुनावएकसाथहुएथे।नवाबजुल्फिकारअलीखांउर्फमिक्कीमियांस्वतंत्रपार्टीसेसांसदकाचुनावलड़रहेथे।मुरादाबादजिलेकीठाकुरद्वाराविधानसभासीटभीरामपुरलोकसभाक्षेत्रमेंशामिलथी।

स्वतंत्रपार्टीनेलोकसभासीटकेसाथहीपांचोंविधानसभासीटोंपरभीजीतहासिलकीथी।तबशाहबादसीटसेबंशीधरविधायकचुनेगएथे।दूसरीबार1969मेंहुएविधानसभाचुनावमेंबंशीधरभारतीयक्रांतिदलकेटिकटपरविधायकचुनेगए।इसकेबादकांग्रेसमेंआगएऔर1972मेंतीसरीबारविधायकबनगए।लेकिन,1977मेंजनतापार्टीकीलहरमेंचुनावहारगए।इसकेबाद1980मेंफिरविधायकबनगए।लेकिन,1985मेंहारगए।1989मेंहुएचुनावमेंपांचवीबारविधायकचुनेगए।

चंद्रपालसिंहराजनीतिमेंआएः इसकेबादबंशीधरचुनावनहींलड़े,बल्किउनकेबड़ेबेटेचंद्रपालसिंहराजनीतिमेंआगए।हांलाकिउनकीमौत2004मेंहुई।वर्ष1991मेंकांग्रेसकेटिकटपरचंद्रपालशाहबादसीटसेपहलीबारचुनावलड़ेऔरभाजपाकेस्वामीपरमानंददंडीसेकरीबछहहजारवोटोंसेहारगए।1993मेंभीभाजपाकेस्वामीपरमानंददंडीविधायकबनेऔरचंद्रपालसिंहमुकाबलेमेंरहे।1996मेंपरमानंददंडीसपाकेटिकटपरविधायकबनेऔरचंद्रपालसिंहमुकाबलेमेंरहे।सितंबर1999मेंपरमानंददंडीकीमौतहोगईऔरसाल2000मेंउपचुनावहुआ,जिसमेंसमाजवादीपार्टीकेकाशीरामदिवाकरजीतगए।

इसचुनावमेंचंद्रपालसिंहभाजपाकेटिकटपरमैदानमेंथेऔरमुकाबलेमेंरहे।2002मेंहुएविधानसभाचुनावमेंभीचंद्रपालसिंहभाजपाकेप्रत्याशीथे,जबकिकाशीरामदिवाकरसपाकेइसचुनावमेंभीदोनोंकेबीचमुकाबलाहुआ,लेकिनकाशीरामजीतगए।2007मेंहुएविधानसभाचुनावमेंकाशीरामभाजपाकेटिकटपरचुनावलड़े।इसचुनावमेंचंद्रपालसिंहआजादउम्मीदवारकीहैसियतसेथे,फिरभीवहमुकाबलेमेंरहेऔरमात्र3500वोटोंसेपिछड़गए।2012मेंचंद्रपालसिंहफिरकांग्रेसमेंशामिलहोगएऔरकांग्रेसकेटिकटपरहीचुनावलड़े,लेकिनसमाजवादीपार्टीकेविजयसिंहजीतगए।2017मेंफिरआजादउम्मीदवारकीहैसियतसेलड़े।इसचुनावमेंभाजपाकीराजबालाजीतगईं।

परिवारकाक्षेत्रमेंप्रभावः भारतीयस्टेटबैंककीशाहबादशाखाकेसेवानिवृतप्रबंधकखुर्शीदहुसैनबतातेहैंकिशाहबादक्षेत्रमेंचंद्रपालसिंहकेपरिवारकाअच्छाप्रभावहै।उनकेपिताशाहबादक्षेत्रमेंबहुतलोकप्रियथे।वहहमेशालोगोंकेसुख-दुखमेंकामआतेथे।चंद्रपालसिंहनेभीजिलापंचायतअध्यक्षरहतेहुएशाहबादक्षेत्रमेंबहुतविकासकार्यकराएहैं,लेकिनविधायकफिरभीनहींबनपाएहैं।चंद्रपालसिंहदोबारजिलापंचायतकेअध्यक्षभीचुनेगएहैं।1995मेंवहपहलीबारजिलापंचायतअध्यक्षबने।इसकेबाद2017मेंभीजिलापंचायतचेयरमैनचुनेगए।उनकेछोटेभाईकीपत्नीराजरानीशाहबादकीब्लाकप्रमुखभीरहचुकेहैं।

पत्नीचुनीगईंछहबारसदस्यः गांवकीप्रधानीआजादीकेबादसेइनकेपरिवारमेंहीरही।पिछलेसालहुएचुनावमेंहीबाहरनिकलीहै।इनकीपत्नीमीरासिंहलगातारछहबारसेजिलापंचायतसदस्यकाचुनावजीतरहीहैं।इसबारभीचंद्रपालसिंहकेसमर्थकचाहतेहैंकिवहविधानसभाकाचुनावलड़ें।वहबतातेहैंकिरोजानासैकड़ोंसमर्थकउन्हेंफोनकररहेहैं।कहरहेहैंकिवहचुनावजरूरलड़ें,विधानसभाचुनावमेंहमेशावहउनकेपरिवारकोवोटदेतेरहेहैं।उनकाकहनाहैकिवहसमर्थकोंकीमीटिंगकरेंगेऔरउनकीरायजाननेकेबादहीफैसलालेंगे।