चलो गांव की ओर : हवेली के नाम पर रखा गांव का नाम बाजितपुर टप्पा

जागरणसंवाददाता,झज्जर:जिलामुख्यालयसेपांचकिमीकीदूरीपरबसेगांवबाजितपुरटप्पाहवेलीकानामसुननेसेएकअजीबसीपहेलीप्रतीतहोतीहै।स्वयंक्यासलगानेकामनकरताहैकिआखिरइसगांवकानामऐसेकैसेपड़ाहोगा।वैसेगांवकेनामकरणकोलेकरकुछकहानियांहै।जिनकोलेकरयहांकेलोगचलीआरहीचर्चाओंकाहवालादेतेहैं।किसीकाकहनाहैकिगांवकीशानरहीपुरानीहवेलीकेनामसेइसकानामपड़ाथा।जबकिअन्यग्रामीणबतातेहैंकिगांवबसनेसेपहलेयहांपरजंगलहोताथाऔरवहांभाकोल्याणकाखेड़ाथा।यहांजबरजवाड़ोंकेराजानेकिसीव्यक्तिसेघीमंगवायातोउसनेघीकेपात्रमेंनीचेपशुओंकागोबरवउसकेऊपरघीडालकरभेजदियाथा।इसीविषयकोलेकरयहांपरविषमहालातभीपैदाहोगए।उसदौरानभाकोल्याणकेखेड़ापरगोहचीजोहड़ीहोतीथीऔरवहांपरएकनीमकापेड़था।जोकिअंदरसेथोथा(खाली)था।जबहालातविषमहुएतोइसकेअंदरएकगर्भवतीमाहिलाबचनेकेलिएजाघुसी।उसदौरानवहमहिलाहीबचीथी।जिसनेदोपुत्रोंकोजन्मदियाथा।उसकेएकपुत्रने¨सकदपुरवदूसरेनेबाजीतपुरटप्पाहवेलीगांवबसायाथा।

आलीशानमकानगांवकीशान

बादलीक्षेत्रकेअंतर्गतआनेवालायहगांवसमृद्धप्रतीतहोताहै।नएआलीशानमकानगांवकीशानहै।पशुओंकोलेकरयहांलोगोंमेंखासाप्रेमदिखाईदिया।ग्रामीणोंकेमकानकेभीतरपशुथेतोगांवकीगलियोंमेंभीकाफीपशुबंधेहुएदिखाईदिए।ग्रामीणोंकाकहनाहैकिगांवमेंभूमिगतपानीखाराहैऔरगांवमेंपीनेकेपानीवखेतीकेलिएलोगनहरीपानीपरहीनिर्भरहैं।नहरतीनचारसालपहलेतकतोपानीठीकआताथा।लेकिनअबपानीभीनहरमेंकमआताहै।इसकीवजहसेपरेशानीबनीहुईहैं।किसानोंकोखेतीकरनेमेंभीपानीकीकमीखलरहीहै।

100सालसेऊपरकेदोबुजुर्ग

गांवसे100सालसेऊपरकीउम्रकेदोबुजुर्गहैं।इनमेंसबसेबड़ीकृपीदेवी103सालकीहैं।वेआजभीअपनेखेतोंतकसैरकरतीहैंऔरआंखोंकीरोशनीभीपूरीतरहसेठीकहैं।वहींपुरुषोंमेंगांवमेंसबसेबड़े100सालकेरामप्रसादहैं।उनकाकहनाहैकिउनकीसेहतकाराजअच्छाएवंसमृद्धखानपानहै।वेआजभीबगैरकोईसहारालिएइसउम्रमेंघूमतेफिरतेहैं।गांवमेंकरीब450घरहैंऔरकरीबएकहजारमतदाताहै।

प्राइमरीस्कूलगांवसेडेढ़किमीदूर

गांवमेंबच्चोंकीशिक्षाकेलिएमात्रप्राइमरीस्कूलहै।यहभीगांवसेकरीबडेढ़किलोमीटरदूरहै।बच्चोंकोस्कूललानेलेजानेकेलिएगांवकीमहिलासरपंचधर्मवतीनेअपनेखर्चपरएकटैंपोलगायाहुआहै।बाकिबच्चेदूसरेगांवोंमेंस्थितसरकारीवप्राइवेटस्कूलोंमेंशिक्षाग्रहणकरनेकेलिएजातेहैं।जबकिपानीकीस्थितिकुछखासअच्छीनहींहै।भूमिगतपानीखाराहोनेकेकारणनहरीपानीपरज्यादानिर्भरहै।नहरीपानीकीदिक्कतकेकारणग्रामीणोंकोपरेशानीहोतीहै।हां,पीनेकेपानीकेलिएगांवमेंलाइनडालीहुईहै।जिससेउन्हेंस्वच्छपेयजलसप्लाईहोरहाहै।

गांवमेंबिजलीकीसमस्याहै।बिजलीनिगमकीतरफसेजारीकिएगएशेड्यूलकेअनुसारभीगांवमेंबिजलीनहींआरहीहै।जिससेलोगोंकीदिनचर्याकेकामकाजप्रभावितहोरहेहैं।

बहादुरगढ़रोड़कोजोड़नेवालेमार्गपरकईस्थानोंपरकटावबनेहुएहैं।जिससेदोनोंतरफसेगाड़ीआजाएंतोउन्हेंसाइडलेनेकास्थानभीनहींबचताहै।सड़कजमीनसेउंचीहोनेकेकारणदुर्घटनाहोनेकाअंदेशाबनारहताहै।यहकाफीगंभीरसमस्याहै।इसमार्गकोचौड़ाकरतेहुएग्रामीणोंकीसुरक्षाएवंसुविधाकेमद्देनजरप्रशासनकेस्तरपरयोजनातैयारकीजानीचाहिए।

गांवमेंकाफीसुधारहुआहै।गलियोंकानिर्माणकियागयाहैपहलेकाफीसंख्यामेंगलियांकच्चीपड़ीथी।अबलोगोंकोकच्चीगलियोंकीसमस्यासेकुछहदतकराहतमिलीहै।

गांवमेंपीनेकेपानीकीसमस्याथी।पंचायतकीतरफसेगांवमेंपीनेकेपानीकीसमस्याकानिदानकरवायागयाहै।अबग्रामीणोंकीपीनेकेपानीकीसमस्याकाकुछहदतकसमाधानहुआहै।बाजीतपुरगांवकेअड्डेपरब्रेकरबनवाएंजाएंताकिदुर्घटनाओंमेंकमीआसके।

गांवमेंदोपरिवारऐसेहैंजिनकेपासअपनेमकाननहींहैंऔरनहीउनकेपासजमीनहै।वेकिराएकेमकानमेंरहतेहैं।उनकोमकानकीसुविधामिलें।इसकेलिएप्रशासनकोलिखाहुआहै।लेकिनविभागीयस्तरपरकोईकार्रवाईनहींहुई।जिसेप्राथमिकताकेआधारपरकियाजानाचाहिए।गांवकीसमस्याओंकोलेकरस्वयंभीलोगोंकेघरोंतकपहुंचतेहुएसमाधानकरनेकाहरसंभवप्रयासकियाजारहाहै।

-धर्मवती,सरपंच