छात्र जीवन में व्यक्तित्व विकास अहम

दुमका:संतालपरगनामहाविद्यालयकेअंग्रेजीविभागमेंसेमवन(इंग्लिशकोर)केनवागंतुकविद्याíथयोंकाएकपरिचयकार्यक्रमहुआ।कार्यक्रमकीअध्यक्षताकररहेअंग्रेजीविभागकेविभागाध्यक्षप्रो.प्रशांतनेविद्याíथयोंकास्वागतकिया।कहाकियहकॉलेजएकप्रीमियरकॉलेजहैजिसकानैकएक्रेडिटेशनबीग्रेड(2017)केसाथहोचुकाहै।अबजरूरतहैकिविद्यार्थीअपनेपठनपाठनवसुसंस्कृतव्यवहारोंसेअपनावकॉलेजदोनोंकानामपूरेविश्वमेंरोशनकरें।

कार्यक्रममेंविशिष्टअतिथिकेरूपमेंआमंत्रितमानसिकस्वास्थ्यपरामर्शकेंद्रकेनिदेशकसहमनोविज्ञानविभाग,संतालपरगनाकॉलेजकेशिक्षकडॉ.विनोदकुमारशर्मानेकहाकिसाहित्यऔरमनोविज्ञानकेबीचगहरासंबंधहै।छात्रजीवनमेंव्यक्तित्वविकासएकअहमस्थानरखताहै।आवश्यकताइसबातकीहैकिविद्यार्थीइसमहत्वकोसमझकरआगेबढ़े।दृढ़निश्चितकरेंकिलाखविषमपरिस्थितियांआए,घबड़ानानहींचाहिएबल्किछात्रोंकोतनावोंसेजूझतेहुएशैक्षणिकउन्नतिकरनासीखलेनाचाहिए।अपनेलक्ष्यकीप्राप्तिकेलिएअडिगएवंईमानदारबनेरहनाचाहिए।जीवनमेअच्छेदोस्तभीहोनाजरूरीहै।जिससेमनकीबातोंकोसाझाकियाजासके।दोस्तगुरु,माता-पिता,सगेसंबंधीयाक्लासमेटहोसकतेहैं।शिक्षकोंकेप्रतिसम्मानवविश्वासरखकरचलनेसेअच्छेमुकामकोप्राप्तकरसकतेहैं।मौकेपरसंविदापरनवनियुक्तशिक्षकमिहिरझाभीमौजूदथे।