अरविद ने 'अमृतबूंद' बचाने का उठाया बीड़ा

राजनारायणकौशिक,बिजनौर

'जलहैतोकलहै'केस्लोगनसेभविष्यकीपीढ़ीकेलिएजलसंचयकासंदेशहरस्तरपरदियाजारहाहै।कलकीबाततोदूरमौजूदासमयमेंभीभीहमेंकईबारजलसंकटसेजूझनापड़ताहै।

दिल्लीमेंमात्रचारलीटरपानीमेंस्नानकरनेकीमजबूरीसेपेंटरअरविदनेजलसंचयकेसंदेशमेंरंगभरनेकाबीड़ाउठालिया।आजवहगांवहोयाशहरऔरबसयाट्रेनजहांभीजातावहांकेवलपानीबचाओकासंदेशदेतेहैं।पंपलेटकेजरिएवहअमृतबूंदसंचयकीअपीलकररहेहैं।

गांवचंदोकनिवासीअरविदकुमारपहलेदिल्लीमेंरहकरसिलाईवपेंटरकाकामकरतेथे।कईसालदिल्लीमेंबिताये।इसदौरानकईऐसेमौकेआए,जबपानीकेसंकटसेजूझनापड़ताथा।एकदिनजलकीकमीनेउनकीजिदगीबदलदी।दरअसल,स्नानकेलिएपानीनहींथा।बामुश्किलकरीबचारलीटरपानीकाइंतजामकरउन्होंनेस्नानकिया।इतनेकमपानीसेशरीरकोतोनहींबल्किमनकोस्नानकादिलाशाजरूरमिलगई।

इसघटनाकेबादउन्होंनेजलबचानेकीठानली।दिल्लीकेबादवहकमकरनेकेलिएअमृतसरवहिमाचलप्रदेशपहुंचे।वहांभीजलकीसमस्यामहसूसहुई।इसकेवहवहांसेगांवआगए।वहयहांरहकरहीसिलाईवपेंटरकाकामकरतेहैं।वहजिलेकेअलावाहरिद्वार,कोटद्वारवमुरादाबादकामकेसिलसिलेमेंजातेहैं।कामकेसाथ-साथवहलोगोंकोबूंद-बूंदपानीसंचयकीअपीलकरतेरहतेहैं।बसवट्रेनसभीमेंजलहीजीवनकादेतेसंदेश

अरविदजलहीजीवनकासंदेशजहांभीजातेहैंवहींदेतेहैं।सबसेपहलेउन्होंनेगांव-गांवमेंपर्चेबांटकरलोगोंकोजागरूककिया।कईस्थानोंपरजलसंरक्षणकीफ्लैक्सीलगवाईहै।अरविदरोडवेजबसोंवट्रेनोंमेंसफरकेसमयभीलोगोंकोजलबचानेकीसीखदेतेहैं।वहकहतेहैंकिएकबारपानीगंदानालेमेंचलागयातोउसकादोबाराउपयोगनहींहोसकताहै।लिहाजाकमसेकमपानीकाइस्तेमालकरें।जलसंरक्षणआजउनकीजिदगीकाहिस्साबनचुकाहै।

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