अब डालनी पड़ेगी धरती को जल लौटाने की आदत

जागरणसंवाददाता,फर्रुखाबाद:शहरमेंदिनपरदिनजिलेकाभूगर्भजलस्तरघटताजारहाहै।इसबातकीगवाहीदेरहेहैंशहरकेहैंडपंप।जरासीगर्मीबढ़तेहीवहपानीकीबजायहवाउगलरहेहैं।कारणबरसातकापानीयूंहीनालियोंमेंबहकरबर्बादहोजाना।अभीदेरनहींहुईहै।अभीभीपानीकीहरबूंदसहेजलीजाएतोभविष्यसुधरसकताहै।इसकेलिएकोईएकजिम्मेदारनहीं,बल्किप्रत्येकनागरिककोजिम्मेदारीउठानीहोगी।

पांचवर्षपहलेतकशहरमें90से100फिटपरपानीमिलजाताथा।इतनीगहराईमेंपाइपडालकरहैंडपंपअच्छीतरीकेसेकामकरतेथे,अबवहीहैंडपंपदगादेगए।अबफर्रुखाबादशहरकीहीबीतलेलीजाएतोदसफीसदीहैंडपंपखराबहोगएहैं।करीब150हैंडपंपोंकोरिबोरभीकरायागया,लेकिनवहकामनहींकरपाए।घरोंमेंभीलगेसबमर्सिवेलपंपमेंइससाल10से15फीटपाइपबढ़ानापड़रहाहै।यहस्थितिइससालहैतोभविष्यमेंस्थितिगंभीरहोनेवालीहै।इसलिएअभीसेबरसातकीहरबूंदसहेजनेकाप्रयासकरेंनहींतोआनेवालीनस्लेंपानीकेसंकटसेजूझेंगी।ऐसेबचासकतेहैंपानी-जहांपरनलोंकोखुलादेखें,उसेतत्कालबंदकरें।

-घरोंकीधुलाईकेबजायपोछालगाकरचलाएकाम।

-स्नानकरतेवक्तपानीकाकमकरेंइस्तेमाल।

-घरोंमेंवाटरहार्वेस्टिगसिस्टमलगवाकरबरसातकापानीधरतीमेंलौटाएं।

शासनादेशकीउड़रहीधज्जियां

शासननेवर्ष2003मेंआदेशदियाथाकि300वर्गमीटरकेभवनमेंबारिशकाजलसंचितकरनेकीव्यवस्थाकीजानीचाहिए,लेकिनबिनाइंतजामकेहीभवनोंकेनक्शेपासकरदिएगए।नगरपालिकासेभीअनापत्तिप्रमाणपत्रमांगाजाताहै।वहांसेभीइसमुद्देपरकोईध्याननहींदियागया।इसीकेचलतेपानीकीकिल्लतबढ़रहीहै।अधिशासीअधिकारीरविद्रकुमारनेबतायाकिसिटीमजिस्ट्रेटकार्यालयसेनक्शापासकरनेसेपहलेआख्यामांगीजातीहै।अबइसमेंसतर्कताबरतीजाएगी।इससंबंधमेंकर्मचारियोंकोदिशानिर्देशदिएजारहेहैं।शॉपिगमॉल,होटलवअन्यबड़ेभवनोंमेंभीजलसंचयनकीव्यवस्थाहोनीचाहिए।इससंबंधमेंलोगोंकोप्रेरितकियाजाएगा।